बालोद | रायपुर। रायपुर में मध्यान्ह भोजन रसोइया संघ द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जारी हड़ताल को उस समय बड़ा नैतिक समर्थन मिला, जब संजारी-बालोद की विधायक”संगीता सिन्हा”,”स्वयं हड़ताल स्थल पर पहुंचीं। विधायक संगीता सिन्हा ने रसोइया संघ की मांगों को जायज ठहराते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता उनके संघर्ष के साथ खड़ा है।
विधायक सिन्हा ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए वेतन विसंगति जैसे गंभीर मुद्दे पर सरकार की चुप्पी को अमानवीय करार दिया। उन्होंने कहा कि महज 02 वर्षों की वर्तमान सत्ता ने प्रदेश सरकार को अहंकारी बना दिया है और अब छत्तीसगढ़ की जनता जाग चुकी है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि अब अहंकारी और संवेदनहीन सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने का समय आ गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार लगातार छत्तीसगढ़वासियों का शोषण कर रही है। वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप वेतन और सुविधाएं देने में सरकार जानबूझकर आनाकानी कर रही है, जबकि छत्तीसगढ़ संसाधनों से भरपूर राज्य है। इसके बावजूद यहां के निवासियों को उनके हक का लाभ नहीं दिया जा रहा है।
गौरतलब है कि संजारी-बालोद विधायक संगीता सिन्हा लगातार आम लोगों के बीच रहकर उनके हक, अधिकार और समस्याओं की आवाज सरकार तक मजबूती से पहुंचाती रही हैं। चाहे किसानों के मुद्दे हों, मजदूरों का संघर्ष हो या अब मध्यान्ह भोजन रसोइयों की लड़ाई—विधायक सिन्हा हर मोर्चे पर जनहित के लिए सक्रिय नजर आती हैं। यही कारण है कि वे आज जनसमस्याओं की सशक्त आवाज बनकर उभर रही हैं।




















