इस अभियान के अंतर्गत स्वच्छता शपथ, रैली, हाथ धुलाई, मानव श्रृंखला, घर-घर कचरा संग्रहण और सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई जैसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों से लेकर बड़ों तक को स्वच्छ जीवनशैली का संदेश दिया जा रहा है। खास बात यह है कि इस मुहिम में स्कूली बच्चों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है, जो गांवों में स्वच्छता के सशक्त संदेशवाहक बनकर उभर रहे हैं।

इसी क्रम में जनपद पंचायत डौंडी के अंतर्गत ग्राम पंचायत ठेमाबुजुर्ग के प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला में विद्यार्थियों को सूखा और गीला कचरा अलग-अलग करने की जानकारी गतिविधियों के माध्यम से दी गई। बच्चों ने न केवल इसे समझा, बल्कि मानव श्रृंखला बनाकर स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण का प्रतीक चिन्ह प्रस्तुत करते हुए ग्रामीणों को स्वच्छता का संदेश भी दिया। इस कार्यक्रम में खंड समन्वयक डीएस यादव, शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
सीईओ की इस पहल से साफ है कि जब प्रशासन और विद्यार्थी मिलकर आगे बढ़ते हैं, तो स्वच्छता जैसे अभियान केवल योजना नहीं, बल्कि जनसंस्कृति बनते हैं।




















