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मानस मंच से संस्कारों का संदेश, तारणी चंद्राकर बोलीं—राम ही भारत की आत्मा

बालोद। गुण्डरदेही विकासखंड के ग्राम हल्दी में आयोजित दो दिवसीय मानसगान प्रतियोगिता श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक चेतना का अनुपम संगम बनकर उभरी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बालोद जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर शामिल हुईं। उनके संबोधन ने न सिर्फ मानस प्रेमियों को भाव-विभोर किया, बल्कि राम के आदर्शों को जीवन में उतारने का संदेश भी दिया।
मानस मंच से संबोधित करते हुए तारणी चंद्राकर ने कहा कि भगवान राम भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं और उनके बिना भारत की कल्पना अधूरी है। उन्होंने कहा कि राम केवल एक आराध्य नहीं, बल्कि जीवन जीने की मर्यादित शैली हैं, जो विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य, संयम और कर्तव्य का मार्ग दिखाती है। उन्होंने मानसगान जैसे आयोजनों को नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ने वाला सशक्त माध्यम बताया।

प्रतियोगिता के दौरान क्षेत्र की विभिन्न मानस मंडलियों ने रामचरितमानस के प्रसंगों की सुमधुर प्रस्तुति दी। वाद्य यंत्रों की लय और चौपाइयों की भावपूर्ण व्याख्या से पूरा हल्दी गांव भक्तिमय वातावरण में डूब गया। दूर-दराज से आई मंडलियों की प्रस्तुतियों ने निर्णायक मंडल के साथ-साथ दर्शकों को भी मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, धर्मप्रेमियों और मानस प्रेमियों की उपस्थिति रही। आयोजन समिति ने मुख्य अतिथि सहित सभी अतिथियों का पारंपरिक और आत्मीय स्वागत किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम गांवों में सामाजिक एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं।

इस अवसर पर जिला पंचायत सभापति लक्ष्मी अशोक साहू, कांति सोनेश्वरी, जनपद सदस्य अश्वनी कटहरे, मंडल अध्यक्ष प्रकाश सिन्हा, ग्रामीण अध्यक्ष नंद कुमार साहू, भगत बंजारे, थानेश्वर सार्वा, मीरा साहू, ऋषि साहू, योगेश्वर साहू सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और मानस प्रेमी उपस्थित रहे।

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