जानकारी के अनुसार, बालोद उपवनमंडल के अंतर्गत वन परिक्षेत्र बालोद में वन भ्रमण के दौरान तालगांव स्थित वनोपज जांच नाका का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान नाके में पदस्थ वनपाल मनसुख लाल ठाकुर कार्य अवधि में शराब का सेवन कर ड्यूटी करते पाए गए। मौके पर ही उनकी हालत स्पष्ट रूप से नशे की बताई जा रही है, जिसे गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता माना गया।
मामले की पुष्टि के लिए उपवनमंडलाधिकारी, बालोद द्वारा संबंधित वनपाल को जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां सिविल सर्जन से चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। जिला चिकित्सालय की रिपोर्ट में एल्कोहल सेवन की पुष्टि होने के बाद वन मंडलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की।
आदेश में उल्लेख किया गया है कि कार्य अवधि में शराब का सेवन करना छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 का स्पष्ट उल्लंघन है। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-09 के तहत मनसुख लाल ठाकुर को आगामी आदेश तक निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय वनमंडल कार्यालय, Balod निर्धारित किया गया है। साथ ही, उन्हें नियमों के तहत जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि बालोद जिले का वन विभाग पहले से ही सागौन तस्करी और कुछ कर्मचारियों की कथित भूमिका को लेकर सवालों के घेरे में है। ऐसे संवेदनशील माहौल में नाका प्रभारी के निलंबन की कार्रवाई ने विभाग में हलचल और तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार, इस घटना के बाद अन्य वनोपज जांच नाकों और वन अमले की गतिविधियों पर भी निगरानी बढ़ाई जा सकती है।




















