राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टार्टअप जगत से जुड़े सभी लोगों को शुभकामनाएं दीं। इस वर्ष यह दिवस विशेष रहा, क्योंकि स्टार्टअप इंडिया पहल को शुरू हुए दस वर्ष पूरे हो गए हैं। प्रधानमंत्री ने इसे युवाओं के साहस, नवाचार और उद्यमशीलता के उत्साह का उत्सव बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते एक दशक में भारतीय स्टार्टअप्स ने वैश्विक स्तर पर देश की पहचान मजबूत की है। युवाओं की ऊर्जा और नए विचारों ने भारत को दुनिया के प्रमुख स्टार्टअप इकोसिस्टम में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप केवल कारोबार नहीं हैं, बल्कि वे ऐसे परिवर्तनकारी इंजन हैं जो अर्थव्यवस्था और समाज के भविष्य को आकार दे रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि स्टार्टअप्स पर्यावरण, तकनीक, रोजगार और सामाजिक चुनौतियों के समाधान के साथ-साथ नए अवसरों का सृजन कर रहे हैं। बड़े सपने देखने, परंपराओं को चुनौती देने और जोखिम उठाने वाले युवाओं पर देश को गर्व है, जो अपने प्रयासों से बदलाव की नई कहानी लिख रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए सभी हितधारकों के साथ मिलकर लगातार काम कर रही है। सुधारों की तेज़ पहल के कारण आज स्टार्टअप्स अंतरिक्ष और रक्षा जैसे क्षेत्रों में भी कदम रख पा रहे हैं, जो पहले अकल्पनीय माने जाते थे। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में स्टार्टअप्स की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप्स को सहयोग देने वाले मेंटर्स, इनक्यूबेटर्स, निवेशकों और शैक्षणिक संस्थानों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इनके मार्गदर्शन और सहयोग से युवा नवोन्मेषकों को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है और देश की विकास यात्रा को गति मिलती है।

प्रधानमंत्री ने संस्कृत के एक श्लोक के माध्यम से युवा उद्यमियों के संकल्प और परिश्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि निरंतर प्रयास से कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि युवाओं का यही जोश और जुनून विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की सबसे बड़ी शक्ति बनेगा।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी संदेश साझा करते हुए स्टार्टअप इंडिया के दस वर्ष पूरे होने पर देशवासियों को बधाई दी और नवाचार से जुड़े सभी लोगों को आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित किया।




















