हाईकोर्ट से तोमन साहू को बड़ी राहत, रेड क्रॉस चुनाव पर लगा विराम टूटा
बालोद।।भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, छत्तीसगढ़ राज्य के चुनाव को लेकर दायर याचिका पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने अपना स्पष्ट और निर्णायक फैसला सुनाते हुए चुनाव रद्द करने की मांग को खारिज कर दिया है। इस फैसले के साथ ही रेड क्रॉस के चेयरमैन और जिला पंचायत बालोद के उपाध्यक्ष तोमन साहू को बड़ी कानूनी राहत मिली है।
न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि चुनाव प्रक्रिया नियमों के अनुरूप संपन्न हुई है और एक बार चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाने के बाद उसमें न्यायिक हस्तक्षेप उचित नहीं माना जा सकता। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव से जुड़े विवादों का समाधान स्थापित कानूनी परंपरा के अनुसार चुनाव पूर्ण होने के बाद ही किया जाना चाहिए।

जिसमें याचिकाकर्ता द्वारा यह तर्क दिया गया था कि सभी जिला शाखाओं के चुनाव न होने के कारण राज्य स्तरीय चुनाव अवैध हैं। लेकिन न्यायालय ने भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी शाखा समिति नियम, 2017 के प्रावधानों का विस्तृत परीक्षण करते हुए इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने माना कि कथित मतदान-वंचना या प्रक्रिया संबंधी आपत्तियों का चुनाव परिणाम पर कोई निर्णायक प्रभाव नहीं पड़ता।
फैसले के साथ ही न्यायालय ने पूर्व में पारित अंतरिम आदेशों को भी निरस्त कर दिया, जिनके चलते निर्वाचित पदाधिकारियों को सीमित भूमिका में कार्य करना पड़ रहा था। इस आदेश के बाद रेड क्रॉस की राज्य इकाई को पूर्ण अधिकारों के साथ कार्य करने का रास्ता साफ हो गया है।

फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए तोमन साहू ने न्यायालय के प्रति आभार जताया और कहा कि यह निर्णय न केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जीत है, बल्कि संस्था की साख को भी मजबूत करता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे आगे भी रेड क्रॉस के माध्यम से मानवीय सेवा, स्वास्थ्य और समाज कल्याण के कार्यों को पूरी निष्ठा से आगे बढ़ाते रहेंगे।
उधर, फैसले के बाद समर्थकों में उत्साह का माहौल देखा गया। उनका कहना है कि यह निर्णय कानून, प्रक्रिया और जनसेवा के प्रति समर्पण का प्रमाण है। कुल मिलाकर, हाईकोर्ट का यह फैसला रेड क्रॉस सोसाइटी को स्थिरता देने के साथ-साथ संगठनात्मक कार्यों को नई गति देने वाला माना जा रहा है।




















