कांग्रेस नेताओं ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही किसानों की समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया और राहत नहीं मिली, तो पार्टी बालोद जिले में धान के परिवहन को रोकने जैसे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
किसानों के घर स्टॉक जांच पर कड़ी आपत्ति
चर्चा के दौरान विधायकों और कांग्रेस पदाधिकारियों ने शासन-प्रशासन द्वारा किसानों के घरों में जाकर धान का स्टॉक चेक करने की कार्रवाई की तीखी आलोचना की। नेताओं ने कहा कि किसानों को अपराधी की तरह ट्रीट करना, स्टॉक जांच के नाम पर दबाव बनाना और टोकन देने में देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। कांग्रेस ने इस प्रक्रिया को तत्काल बंद करने की मांग की।

प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने बताया कि धान खरीदी की समय-सीमा समाप्त होने में मात्र 11 दिन शेष हैं, जबकि जिले के हजारों किसानों का धान अब तक नहीं खरीदा जा सका है। प्रमुख मांगों में खरीदी केंद्रों की सीमा (लिमिट) तुरंत बढ़ाने, टोकन वितरण में हो रही देरी खत्म करने तथा अनावश्यक नियमों और कथित प्रशासनिक प्रताड़ना से किसानों को मुक्त करने की मांग शामिल है।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
जिला कांग्रेस अध्यक्ष चन्द्रेश हिरवानी और विधायकों ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस धान परिवहन रोकने सहित उग्र आंदोलन करेगी।
प्रतिनिधिमंडल में रहे शामिल
मुलाकात के दौरान पूर्व विधायक भैया राम सिन्हा, प्रदेश पदाधिकारी कृष्णा दुबे, मिथलेश निरोटी, गुलशन चंद्राकर, भोला देशमुख, राजू प्रभाकर, धनेश्वरी सिन्हा, पीयूष सोनी, रतीराम कोसमा, अंचल साहू, डॉ. किशोर साहू, सादिक अली, नरेंद्र सिन्हा, कुलदीप नौम्हारे, देवेंद्र साहू, कमलेश श्रीवास्तव, मोनू ठाकुर, यशवंत पुरी गोस्वामी, संदीप साहू, वैभव साहू, दाउद खान, जमील बक्स, जितेंद्र यादव, भूषण साहू, तुल्लेस सिन्हा, हिमांशु सागर साहू सहित ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और बड़ी संख्या में पदाधिकारी उपस्थित




















