
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि यदि कार्य में लापरवाही या मानकों की अनदेखी पाई गई, तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई तय है।
समय-सीमा और सुरक्षा पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पुल एवं सड़क निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में हर हाल में पूर्ण किया जाए, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि यह मार्ग क्षेत्रीय आवागमन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, ऐसे में निर्माण कार्य टिकाऊ, सुरक्षित और मानक अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने निर्माण स्थलों पर संकेतक बोर्ड, चेतावनी चिन्ह और सुरक्षा उपायों को अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश भी दिए, जिससे निर्माण अवधि के दौरान राहगीरों और वाहन चालकों को किसी तरह की परेशानी न हो।

पहले भी उठ चुके हैं गुणवत्ता को लेकर सवाल
गौरतलब है कि जिस उच्च स्तरीय पुल का निरीक्षण आज उपमुख्यमंत्री ने किया, उसके निर्माण को लेकर पूर्व में भी गुणवत्ता और लापरवाही के मामले सामने आ चुके हैं। इन्हीं खामियों को गंभीरता से लेते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इस निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों को फटकार लगाई और स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी शिकायतें दोहराई नहीं जानी चाहिए।
सुशासन सरकार की प्राथमिकता

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सुशासन सरकार की यह स्पष्ट प्राथमिकता है कि नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं समय पर और पूरी गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराई जाएं। सड़क और पुल जैसे विकास कार्य सीधे जनता के जीवन से जुड़े होते हैं, इसलिए इनमें पारदर्शिता और गुणवत्ता सर्वोपरि है। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं इंजीनियर उपस्थित रहे, जिन्हें निर्माण कार्य की नियमित निगरानी और गुणवत्ता परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।




















