संगीता सिन्हा ने कहा कि जब एक सांसद और संगठन के निर्वाचित अध्यक्ष को न्याय के लिए उच्च न्यायालय बिलासपुर का दरवाजा खटखटाना पड़े, तो आम जनता की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यह नेशनल लेवल का आयोजन है, जिसकी मेजबानी बालोद कर रहा है, यह जिले के लिए गर्व की बात है, लेकिन आयोजनकर्ताओं ने इसे विवादों में घेर दिया है।

विधायक ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिना टेंडर प्रक्रिया के पूरा काम एक व्यक्ति विशेष को सौंपा गया, जिसमें बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने दावा किया कि बृजमोहन अग्रवाल छत्तीसगढ़ भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के पांच साल के लिए निर्वाचित अध्यक्ष हैं, इसके बावजूद उनकी बात को दरकिनार किया जा रहा है और एक पदेन अध्यक्ष को आगे बढ़ाया जा रहा है।
संगीता सिन्हा ने यह भी कहा कि बृजमोहन अग्रवाल इस आयोजन को एक बैठक में पहले ही निरस्त कर चुके थे, इसके बावजूद बालोद में कार्यक्रम कराना कई सवाल खड़े करता है और यह पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का विषय है।
विधायक ने विष्णुदेव साय सरकार से मांग की कि वह इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से संज्ञान में ले और राष्ट्रीय स्तर के आयोजन से जुड़े भ्रष्टाचार व अनियमितताओं में शामिल दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सच्चाई सामने नहीं लाई गई, तो यह मामला सरकार और संगठन दोनों की छवि को नुकसान पहुंचाएगा।




















