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प्रदेश रूचि

बालोद के दुधली में जुटेगी युवाओं की मिनी दुनिया, आज से राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी का आगाज….छत्तीसगढ़ संस्कृति से सजेगा ‘मिनी भारत’

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिला के दुधली गांव में आज से युवाओं का महासंगम सजेगा। यहां आयोजित हो रही भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की 18वीं राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी का शुभारंभ आज रमेन डेका करेंगे। पांच दिवसीय इस ऐतिहासिक आयोजन में देश–विदेश से आए 15 हजार से अधिक रोवर–रेंजर व सीनियर स्काउट–गाइड हिस्सा लेंगे, जिनमें छत्तीसगढ़ के 4,252 प्रतिभागी शामिल हैं।


मिनी भारत की झलक, वैश्विक संस्कृति का संगम
जंबूरी विलेज में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झलक देखने को मिलेगी। भारतीय लोक-संस्कृति के साथ अंतरराष्ट्रीय रंग भी मंच पर उतरेंगे। आयोजन का उद्देश्य युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व, देशभक्ति और साहसिक कौशल का विकास करना है। परिसर में एडवेंचर स्पोर्ट्स, मार्च पास्ट, राज्य प्रदर्शनी, कैंप क्राफ्ट, आदिवासी कार्निवल, फोक डांस, एथेनिक फैशन शो, क्विज, बैंड प्रतियोगिता और मास ट्री प्लांटेशन जैसी गतिविधियां होंगी।


हजारों प्रतिभागी पहुंचे, तैयारियां पूरी
आयोजकों के अनुसार गुरुवार देर शाम तक सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गईं। अब तक छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों से 6 हजार से अधिक प्रतिभागी दुधली पहुंच चुके हैं और अभ्यास में जुटे हैं। प्रवेश द्वार के भीतर आकर्षक सेल्फी प्वाइंट बनाया जा रहा है, जहां शुभंकर ‘वन भैंसा’ और पत्थरों से पर्वताकार संरचना तैयार की जा रही है।


राजस्थान का कैंप फायर नृत्य, हिमाचल की सांस्कृतिक प्रस्तुति
राजस्थान (जयपुर) से आए आदित्य शर्मा, नितिन यादव, रामरतन मीणा, मो. रेहान, महिपाल वर्मा, करण जाट और मनीष शर्मा ने बताया कि वे गुरुवार तड़के दुधली पहुंचे और कैंप फायर नृत्य प्रस्तुत करेंगे। वहीं हिमाचल (कुल्लू, मनाली, सोलन, किन्नौर) से आई अनन्या, श्वेता, सत्या, कुसुम, महक और इशिता ने कहा कि यहां की मेहमाननवाजी और भोजन व्यवस्था उत्कृष्ट है। वे कल्चर परफॉर्मेंस और मार्च पास्ट में हिस्सा लेंगी।


भोजन, बाजार और स्वच्छ पेयजल की पुख्ता व्यवस्था
जंबूरी स्थल पर जंबूरी मार्केट बनाया गया है, जहां रोजमर्रा की वस्तुएं, दुग्ध सामग्री, फल, फास्ट फूड, प्रसाधन सामग्री, दवाइयां और सेनेटरी सामान उपलब्ध रहेंगे। शुद्ध पेयजल हेतु आरओ प्लांट, पर्याप्त शौचालय–स्नानघर और स्वच्छता की व्यवस्था की गई है।


सुरक्षा व स्वास्थ्य के व्यापक इंतजाम
राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन के लिए सुरक्षा चाक–चौबंद है। पुलिस, यातायात बल, स्काउट–गाइड सुरक्षा रोवर्स के साथ एनडीआरएफ की तैनाती रहेगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 30 बिस्तरों का अस्थायी अस्पताल स्थापित किया गया है, जहां 24 घंटे डॉक्टर, नर्स, एंबुलेंस और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। अग्नि सुरक्षा के लिए दमकल संसाधन व कर्मी भी तैनात हैं।

छत्तीसगढ़ को मिलेगा वैश्विक मंच
यह जंबूरी न सिर्फ बालोद बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। आयोजन से पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। आने वाले दिनों में दुधली का आसमान ‘तैयार रहो’ (Be Prepared) के नारों से गूंजेगा—जो युवा शक्ति के संकल्प और एकता का प्रतीक बनेगा।

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