सोमवार, 5 जनवरी को रायपुर में हुई राज्य परिषद की बैठक के बाद जारी जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जम्बूरी को प्रशासनिक विवादों और गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का निर्णय लिया गया। यह निर्णय संस्था के वैधानिक अध्यक्ष एवं सांसद बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में राज्य परिषद के पदाधिकारियों की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।

बैठक में यह भी कहा गया कि पहले जम्बूरी का आयोजन नया रायपुर में तय था, लेकिन राज्य परिषद की अनुमति के बिना आयोजन स्थल बदलकर बालोद कर दिया गया। आरोप है कि यह फैसला संस्था के संविधान और तय प्रक्रियाओं के विपरीत है। साथ ही, राष्ट्रीय जम्बूरी के लिए स्वीकृत 10 करोड़ रुपये भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के खाते में न जाकर जिला शिक्षा अधिकारी, बालोद के खाते में ट्रांसफर किए जाने का मुद्दा भी उठा, जिसे वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में रखा गया। टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्यों को लेकर भी सवाल खड़े किए गए।
इन तमाम बिंदुओं के आधार पर रायपुर से स्पष्ट किया गया कि यदि इसके बावजूद जम्बूरी आयोजित होती है, तो उसकी प्रशासनिक और वित्तीय जिम्मेदारी राज्य स्कूल शिक्षा विभाग की होगी। यह भी दोहराया गया कि भारत स्काउट्स एंड गाइड्स एक स्वतंत्र और स्वायत्त संस्था है।
लेकिन इसी बीच बालोद से बिल्कुल अलग तस्वीर सामने आ रही है। जिला जनसंपर्क विभाग ने मंगलवार दोपहर जारी सूचना में बताया कि 9 से 13 जनवरी तक ग्राम दुधली में प्रस्तावित प्रथम राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जम्बूरी की तैयारियों की कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने समीक्षा की और सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि आयोजन के दौरान राज्यपाल, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य अतिथियों के आने की संभावना है।

इतना ही नहीं, बालोद में आयोजन से जुड़े जिम्मेदार पदाधिकारियों का दावा है कि अब तक 4 हजार से अधिक रोवर–रेंजर पहुंच चुके हैं और उन्हें किसी भी तरह के स्थगन आदेश की जानकारी नहीं है। उनका कहना है कि कार्यक्रम तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा।
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि—
क्या जम्बूरी वास्तव में स्थगित हो चुकी है, या फिर आयोजन तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगा?
अगर स्थगित है, तो बालोद में तैयारियां और प्रतिभागियों का पहुंचना कैसे जारी है?
और अगर आयोजन हो रहा है, तो रायपुर से स्थगन की घोषणा क्यों की गई?
फिलहाल, रायपुर से आए फैसले और बालोद से मिल रहे दावों के बीच विरोधाभास बना हुआ है। मंगलवार को कार्यक्रम स्थल पर प्रस्तावित पत्रकार वार्ता के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होने की उम्मीद है। तब तक राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन को लेकर असमंजस बरकरार है।




















