ऐसे हुआ अपराध
एसपी ने बताया कि 26 दिसंबर को ओटेबंद निवासी प्रार्थी के घर में रात के समय अज्ञात चोरों ने बाहर का ताला तोड़कर प्रवेश किया और अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात व नकदी चुरा ले गए। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और थाना गुंडरदेही में बीएनएस की धारा 331(4), 305(ए) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।

विशेष टीम, डॉग स्क्वाड और तकनीकी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना गुंडरदेही व साइबर सेल की संयुक्त विशेष टीम गठित की गई। घटनास्थल पर डॉग स्क्वाड बुलाया गया। टीम ने त्रिनयन एप के जरिए सीसीटीवी फुटेज जुटाए और गुंडरदेही, ओटेबंद, अंडा, दुर्ग और भिलाई क्षेत्र के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों का विश्लेषण किया। फुटेज में घटना के समय एक संदिग्ध ऑटो की मौजूदगी सामने आई। जांच में ऑटो की नंबर प्लेट फर्जी पाई गई। अंधेरे के कारण चेहरे स्पष्ट नहीं थे, बावजूद इसके तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई।
भिलाई से गिरफ्तारी, चोरी का तरीका
कड़ी मेहनत और लगातार निगरानी के बाद पुलिस ने भिलाई से तीन आरोपियों को चिन्हांकित कर गिरफ्तार किया, बाद में चौथे आरोपी की भी गिरफ्तारी की गई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी साजा (बेमेतरा) से ऑटो चोरी कर उसी से दिन में रेकी करते और रात में सूने मकानों को निशाना बनाते थे। गिरोह द्वारा अन्य जिलों में भी चोरी की बात स्वीकार की गई है।

मुख्य आरोपी अब्दुल जामुल थाना क्षेत्र का निगरानी बदमाश है, जो न्यायालयीय वारंट के चलते स्थान बदलकर सुपेला (भिलाई) में छिपकर रह रहा था। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी अब्दुल वहिव उर्फ तलवार (43), निवासी गुरुघासीदास नगर, जामुल; हाल—सुपेला, भिलाई, जिला दुर्ग,लितेश टंडन (30), निवासी शारदा पारा, कैंप-02, भिलाई, थाना छावनी, जिला दुर्ग,प्रेम शंकर साहू (24), निवासी शारदा पारा, कैंप-02, भिलाई, थाना छावनी, जिला दुर्ग,पीयूष कुमार नंदी उर्फ सत्यम (25), निवासी शारदा पारा कबीर कुट्टी, कैंप-02, भिलाई, थाना छावनी, जिला दुर्ग को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस टीम की भूमिका
इस कार्रवाई में एसडीओपी गुंडरदेही राजेश बागड़े, थाना प्रभारी निरीक्षक नवीन बोरकर के नेतृत्व में सउनि आत्माराम धनेलिया, प्रधान आरक्षक कमलेश रावटे, दमन वर्मा, विकास साहू, जगदीश बघमार और यशवंत देशमुख का योगदान रहा।




















