बालोद।ग्राम दुधली, बालोद में 09 से 13 जनवरी 2026 तक होने जा रहे प्रथम नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी की तैयारियों को लेकर राज्य के शीर्ष प्रशासनिक स्तर पर व्यापक समीक्षा की गई। मुख्य सचिव विकासशील ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजन से जुड़े हर पहलू की बारीकी से समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि यह राष्ट्रीय आयोजन अपनी गरिमा के अनुरूप उत्कृष्ट, सुव्यवस्थित और यादगार हो।
वर्चुअल बैठक में कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल, जिला पंचायत सीईओ सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक, एडीशनल एसपी मोनिका ठाकुर सहित सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।
मुख्य सचिव ने अधोसंरचना, आवास-भोजन, सुरक्षा, चिकित्सा, 24×7 निर्बाध बिजली, संचार व्यवस्था, मीडिया सेंटर, मंच निर्माण, वीआईपी आवागमन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पेयजल, शौचालय-स्नानागार, मोबाइल-इंटरनेट कनेक्टिविटी, अग्निशमन और एटीएम जैसी व्यवस्थाओं की स्थिति पर विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने तय समय-सीमा में सभी इंतजाम पूर्ण करने और बैकअप व्यवस्थाओं—विशेषकर जनरेटर—की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अस्थायी अस्पताल स्थापित करने, चिकित्सकों व चिकित्सा कर्मियों की तैनाती तथा आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों और आगंतुकों के लिए परिवहन व्यवस्था दुरुस्त रखने और भोजन की गुणवत्ता व स्वच्छता मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
सुरक्षा समीक्षा के दौरान एसपी ने आयोजन स्थल और प्रतिभागियों की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी। वहीं शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने बताया कि जंबूरी का शुभारंभ 10 जनवरी को राज्यपाल रमेन डेका करेंगे और समापन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित अतिथि उपस्थित रहेंगे। 09 जनवरी को अंतिम रिहर्सल होगी।
पाँच दिवसीय इस जंबूरी में देशभर से 12 हजार प्रतिभागी शामिल होंगे, जिनमें 4 हजार छत्तीसगढ़ से होंगे। आयोजन में विदेशी प्रतिभागियों की मौजूदगी भी रहेगी। कलेक्टर ने सभी तैयारियों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण पूर्ण होने की जानकारी दी, जबकि पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा इंतजामों को मजबूत रखने का भरोसा दिलाया।
ग्राम दुधली में होने जा रहा यह प्रथम नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी न सिर्फ बालोद बल्कि पूरे राज्य के लिए गौरव का अवसर है। प्रशासनिक समन्वय, मजबूत अधोसंरचना और सुरक्षा-स्वास्थ्य पर विशेष फोकस के साथ यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर एक मिसाल बनने की ओर अग्रसर है।




















