इस कैफे की खास बात इसकी सुलभता और किफायत है। मात्र 50 रुपये में मिलेट आधारित थाली उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा मेन्यू में रागी, कोदो-कुटकी जैसे मिलेट से बने स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन भी शामिल हैं, जो मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याओं में सहायक माने जाते हैं।

कैफे का संचालन राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अंतर्गत पंजीकृत शांति स्व-सहायता समूह की महिलाएं कर रही हैं। यह पहल महिलाओं को स्थायी रोजगार और नियमित आय का अवसर देगी। कैफे की स्थापना में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की ‘साथी परियोजना’ और नगर पालिका परिषद का सहयोग रहा है। जिला अस्पताल प्रबंधन ने इसके लिए परिसर में निःशुल्क स्थान उपलब्ध कराया।
उद्घाटन के दौरान कलेक्टर ने कहा कि यह कैफे आमजन को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम कदम है। यह पहल पोषण और महिला सशक्तिकरण—दोनों को जोड़ने वाला सेतु साबित होगी।
इस मौके पर अपर कलेक्टर लकड़ा, अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक, एसडीएम नूतन कंवर, तहसीलदार संध्या नामदेव, सीएमएचओ जे.एल. उईके, सिविल सर्जन डॉ. श्रीमाली, मुख्य नगर पालिका अधिकारी मोबिन अली सहित नगर पालिका और अस्पताल प्रबंधन के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।




















