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विमान यात्रियों के लिए बड़ी राहत: 24×7 पैसेंजर असिस्टेंस कंट्रोल रूम से 13 हजार शिकायतों का त्वरित समाधान

नई दिल्ली |यात्रियों की शिकायतों के तेज़, पारदर्शी और प्रभावी समाधान को सुनिश्चित करने के लिए नागर विमानन मंत्रालय (एमओसीए) ने पैसेंजर असिस्टेंस कंट्रोल रूम (पीएसीआर) की स्थापना की है। यह कंट्रोल रूम 24 घंटे, सातों दिन सक्रिय है और सिविल एविएशन परिचालन की रियल-टाइम निगरानी कर रहा है।
नागर विमानन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा ने बताया कि 03 दिसंबर 2025 से अब तक केंद्रित निगरानी और त्वरित हस्तक्षेप के जरिए 13,000 से अधिक यात्री शिकायतों का समाधान किया जा चुका है, जबकि 500 से अधिक कॉल-आधारित हस्तक्षेप सीधे यात्रियों की मदद के लिए किए गए हैं।
यात्री-केंद्रित पहल
पिछले एक दशक—विशेषकर बीते 11 वर्षों—में भारत के विमानन क्षेत्र में तेज़ विस्तार के साथ यात्री संख्या और कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके साथ उड़ानों में देरी, रिफंड, बैगेज, भीड़भाड़ और पीक आवर्स में सुविधाओं की कमी जैसी चुनौतियाँ भी सामने आईं। इन्हीं जरूरतों को देखते हुए,  नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू के नेतृत्व में मंत्रालय ने स्थायी 24×7 पीएसीआर स्थापित करने का निर्णय लिया।
एक छत के नीचे समन्वित समाधान
पीएसीआर, नई दिल्ली स्थित उड़ान भवन में एक एकीकृत केंद्र के रूप में कार्य करता है, जहां मंत्रालय, नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए), एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई), एयरलाइंस और अन्य प्रमुख हितधारकों के अधिकारी साथ मिलकर काम करते हैं। यहां यात्रियों की कॉल्स सुनी जाती हैं, परिचालन की निगरानी होती है और रियल-टाइम समन्वय से समस्याओं का मौके पर समाधान किया जाता है।


AirSewa का पूर्ण एकीकरण
यात्री शिकायतों के निर्बाध निपटान के लिए AirSewa प्रणाली को पीएसीआर के साथ पूरी तरह एकीकृत किया गया है। ओम्नी-चैनल तकनीकी ढांचा और डेटा-आधारित डैशबोर्ड शिकायतों के प्रकार, समय-सीमा और संबंधित हितधारकों की कार्रवाई पर लाइव मॉनिटरिंग उपलब्ध कराते हैं। कंट्रोल रूम में एयरलाइन प्रतिनिधियों की भौतिक मौजूदगी से त्वरित निर्णय और समाधान संभव हुआ है।
प्राथमिकता से निपटान
उड़ान में देरी, रद्दीकरण, रिफंड और बैगेज से जुड़ी शिकायतों का निपटान यात्री चार्टर के प्रावधानों के अनुरूप प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। सचिव ने बताया कि पीएसीआर की बदौलत शिकायत निवारण की गति, पारदर्शिता और प्रभावशीलता में उल्लेखनीय सुधार आया है, जिसे यात्रियों और हितधारकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया भी मिल रही है।
सतत निगरानी और भविष्य की तैयारी
सचिव समीर कुमार सिन्हा प्रतिदिन स्वयं पीएसीआर का दौरा कर संचालन की समीक्षा करते हैं। एएआई के चेयरमैन, डीजीसीए के वरिष्ठ अधिकारी और मंत्रालय के नेतृत्व का सहयोग इस व्यवस्था को और मजबूत बना रहा है। मंत्रालय ने पीएसीआर को समर्पित मानव संसाधन, उन्नत तकनीक और बेहतर लॉजिस्टिक्स से और सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

पीएसीआर की नींव “पैसेंजर फर्स्ट” दृष्टिकोण पर आधारित है—जो रियल-टाइम कोऑर्डिनेशन, डेटा-आधारित निर्णय और लगातार सुधार के जरिए भारत के सिविल एविएशन इकोसिस्टम में यात्री को केंद्र में रखता है।

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