एसडीएम गुरूर आरके सोनकर और तहसीलदार हनुमंत श्याम ने संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ गुरूर विकासखंड स्थित राइस मिलों का निरीक्षण किया। इस दौरान धान की उपलब्धता, चावल भंडारण और आवश्यक दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई।

निरीक्षण के दौरान बिदामी फूड राइस मिल पलारी में लगभग 20,950 कट्टा धान और 1,740 क्विंटल चावल पाया गया। राइस मिल संचालक ने भारतीय खाद्य निगम को चार लॉट चावल भेजे जाने की जानकारी दी, हालांकि मौके पर इससे संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके। भौतिक सत्यापन में मिल संचालक द्वारा दी गई जानकारी सही पाई गई।
वहीं, भगवती राइस मिल के निरीक्षण में संचालक बलराम अग्रवाल ने बताया कि शासकीय धान की मिलिंग पूरी हो चुकी है। अधिकारियों ने स्टॉक पंजी का मिलान कर मौके पर उपलब्ध धान का भौतिक सत्यापन भी किया।
ऑनलाइन मंडी पोर्टल की जांच में यह सामने आया कि राइस मिल द्वारा 3,900.53 क्विंटल निजी धान नीलामी के माध्यम से खरीदा गया है। इस धान का भी अधिकारियों द्वारा मौके पर सत्यापन किया गया। साथ ही ऑनलाइन पोर्टल में दर्ज शासकीय धान का स्टॉक भी राइस मिल में उपलब्ध मात्रा से मिलाया गया।
जांच के दौरान नायब तहसीलदार रमेश मंडावी सहित कृषि उपज मंडी के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध धान खरीदी-बिक्री पर सख्ती जारी रहेगी और किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।




















