
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं के हाथों में “लोकतंत्र बचाओ”, “ईडी-सीबीआई का दुरुपयोग बंद करो”, “फर्जी मामलों से विपक्ष को दबाया नहीं जा सकता” और “सत्यमेव जयते” जैसी तख्तियां थीं। नारेबाजी के साथ कांग्रेसियों का आक्रोश पूरे मार्ग पर साफ झलकता रहा।
भाजपा कार्यालय तक कांग्रेसियों को पहुंचने से रोकने के लिए जिला एवं पुलिस प्रशासन ने इंदिरा चौक पर कड़ा सुरक्षा घेरा बनाया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई, हालांकि स्थिति को नियंत्रण में रखते हुए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने नहीं दिया।

प्रदर्शन के दौरान विधायक संगीता सिन्हा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।
विधायक संगीता सिन्हा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर कांग्रेस नेताओं को एक ही झूठे मामले में बार-बार परेशान कर रही है। वहीं जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने कहा कि केंद्र सरकार के इशारे पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को नेशनल हेराल्ड मामले में जबरन फंसाकर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों के हाथों में ‘सत्यमेव जयते’ के साथ राहुल और सोनिया गांधी के पोस्टर भी दिखाई दिए। कांग्रेस नेताओं ने दोहराया कि जब तक लोकतंत्र और विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिशें जारी रहेंगी, तब तक कांग्रेस सड़कों पर संघर्ष करती रहेगी।




















