छत्तीसगढ़ ने टॉस जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण का फैसला किया। बल्लेबाजी करते हुए मुंबई की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 194 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से सिद्धार्थ ने 35 रन, सचिन कटारिया ने 36 रन और कुशल ने 32 रनों की अहम पारियां खेलीं। इसके जवाब में छत्तीसगढ़ को 195 रन का लक्ष्य मिला।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी छत्तीसगढ़ की टीम ने शानदार शुरुआत की। तीसरे विकेट के लिए हर्ष शर्मा की 74 रनों की बेहतरीन पारी से टीम जीत की ओर बढ़ती दिख रही थी। लेकिन मैच का रुख उस समय पलट गया जब मुंबई के कप्तान ने गेंदबाजी की जिम्मेदारी सिद्धेश कानतोड़े को सौंपी।
सिद्धेश ने घातक गेंदबाजी करते हुए मात्र तीन ओवर में 19 रन देकर चार महत्वपूर्ण विकेट झटके और छत्तीसगढ़ की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। लगातार विकेट गिरने से छत्तीसगढ़ की पूरी टीम 158 रन पर ऑलआउट हो गई और मुकाबला मुंबई के पक्ष में चला गया।
मैन ऑफ द मैच
मैच में निर्णायक गेंदबाजी प्रदर्शन के लिए मुंबई टीम के सिद्धेश कानतोड़े को मैन ऑफ द मैच चुना गया।

अतिथि एवं आयोजन
मैच के शुभारंभ से पूर्व मुख्य अतिथि समाजसेवी भगत सोनी एवं मोनिका चंद्राकर (भिलाई) ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया। मैच के समापन पर मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार भी उनके करकमलों से प्रदान किया गया।
अंपायर व आयोजन समिति
इस मुकाबले में छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ के अंपायर सपन काकड़े और हिमाचल साहू निर्णायक की भूमिका में रहे। स्कोरिंग की जिम्मेदारी शेख फरीद सिद्दीकी एवं अजय छेदम ने निभाई।
मैच के दौरान यंग स्पोर्ट्स संस्था के संरक्षक लाल निवेंद्र सिंह टेकाम, बालोद जिला भाजपा के पूर्व महामंत्री देवेंद्र जायसवाल, अध्यक्ष मोहन निषाद, उपाध्यक्ष जसराज शर्मा, सचिव उत्तम मालेकर सहित सदस्यगण दिलीप बाफना, महेंद्र जायसवाल, सुमित शर्मा, लोकेंद्र ठाकुर, लोकेश दुबे सहित बड़ी संख्या में खेलप्रेमी मौजूद रहे।
अगला मुकाबला
श्रीराम ट्रॉफी के अंतर्गत दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला सोमवार को बिहार और महाराष्ट्र के बीच खेला जाएगा। यह जानकारी संस्था के मीडिया प्रभारी धीरेंद्र टाक द्वारा दी गई।




















