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बालोद टेक्नोफेस्ट 2.0 का भव्य समापन:- वैज्ञानिक सोच, नवाचार और सृजनात्मकता को मिला ठोस मंच

 

बालोद,।बालोद जिले में आयोजित दो दिवसीय बालोद टेक्नोफेस्ट 2.0 का आज भव्य समापन हुआ। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के संयुक्त आयोजन में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, आमापारा बालोद में आयोजित इस टेक्नोफेस्ट ने जिले के स्कूली विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और तकनीकी कौशल को मजबूती से सामने लाने का काम किया।

कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के मार्गदर्शन में आयोजित यह आयोजन केवल प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह ग्रामीण परिवेश वाले जिले के लिए विज्ञान आधारित सोच और रचनात्मकता का मजबूत प्लेटफॉर्म बनकर उभरा। कार्यक्रम में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राकेश यादव, पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर, यूनिसेफ की प्रभारी अधिकारी छाया कुंवर, शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक आर.एल. ठाकुर सहित प्रशासन, शिक्षा और तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

1589 आइडियाज से 250 मॉडल तक, प्रतिभा का विस्तार

बालोद टेक्नोफेस्ट 2.0 के लिए जिले भर से 1589 नवाचार आइडियाज प्राप्त हुए, जिनमें से चयनित मॉडलों को मंच प्रदान किया गया। यह आंकड़ा बालोद जैसे ग्रामीण जिले के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
कक्षा 6वीं से 8वीं, 9वीं से 10वीं और 11वीं से 12वीं वर्ग के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मॉडलों में रोबोटिक्स, पर्यावरण संरक्षण, स्मार्ट तकनीक, सामाजिक समस्याओं के समाधान और वैज्ञानिक प्रयोगों की स्पष्ट झलक देखने को मिली।

राष्ट्रीय मंच तक पहुंचेगा बालोद का नवाचार

समापन अवसर पर कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने जानकारी दी कि टेक्नोफेस्ट में प्रदर्शित किए गए 50 उत्कृष्ट मॉडलों को आगामी राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी (9 से 13 जनवरी, ग्राम मालीघोरी) में प्रदर्शित किया जाएगा। इससे जिले के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की संभावना बढ़ी है।

शिक्षा से आगे, भविष्य की तैयारी

पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने आयोजन को विद्यार्थियों में वैज्ञानिक चेतना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों और शिक्षाविदों ने इसे संविधान में निहित वैज्ञानिक दृष्टिकोण को व्यवहार में उतारने का प्रभावी प्रयास माना।

प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान

कार्यक्रम में विभिन्न वर्गों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले मॉडलों और विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। साथ ही, आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने वाले शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी सम्मान प्रदान किया गया।

एक आयोजन, कई संभावनाएं

बालोद टेक्नोफेस्ट 2.0 ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि विद्यार्थियों को सही मंच, मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो ग्रामीण अंचल के बच्चे भी राष्ट्रीय स्तर के नवाचार, तकनीकी संस्थानों और भविष्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम का हिस्सा बन सकते हैं।

कुल मिलाकर, बालोद टेक्नोफेस्ट 2.0 जिले के लिए केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भविष्य की वैज्ञानिक और तकनीकी पीढ़ी की मजबूत नींव साबित हुआ।

 

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