बालोद। जिले की सेवा सहकारी समिति सुरेगांव के अंतर्गत आने वाले सात गांवों के सैकड़ों किसान मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर से मुलाकात कर धान खरीदी व्यवस्था में आ रही परेशानियों से अवगत कराया। किसानों ने ज्ञापन सौंपते हुए प्रतिदिन की धान खरीदी सीमा बढ़ाने और ऑफलाइन टोकन व्यवस्था में सुधार की मांग की।
किसानों का कहना है कि सुरेगांव समिति में वर्तमान में प्रतिदिन धान खरीदी की सीमा 1532 क्विंटल तय की गई है, जो बेहद कम है। समिति का कुल खरीदी लक्ष्य लगभग 1 लाख क्विंटल है, ऐसे में मौजूदा सीमा के अनुसार सभी किसानों का धान समय पर बिक पाना संभव नहीं है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि शासन द्वारा लागू ऑनलाइन और ऑफलाइन टोकन व्यवस्था किसानों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। जिन किसानों को मोबाइल और ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी है, वे आसानी से टोकन काट लेते हैं, जबकि तकनीकी जानकारी के अभाव में कई किसान रोजाना समिति के चक्कर काटने को मजबूर हैं। किसानों ने इस स्थिति को देखते हुए ऑफलाइन टोकन की दैनिक लिमिट बढ़ाने की मांग की।
किसानों ने यह भी बताया कि सेवा सहकारी समिति सुरेगांव की बफर लिमिट 10 हजार क्विंटल निर्धारित है, जो 27 नवंबर को ही पूरी हो चुकी थी, इसके बावजूद खरीदी जारी है। 15 दिसंबर तक समिति में 26,994.80 क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है, जो निर्धारित बफर लिमिट से कहीं अधिक है। किसानों का आरोप है कि इस मामले में शासन द्वारा अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं किया गया।
किसानों ने प्रशासन से सुरेगांव धान खरीदी केंद्र में प्रतिदिन 2200 क्विंटल धान खरीदी सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि सभी किसानों को समय पर अपनी उपज बेचने का अवसर मिल सके।
इस दौरान सुरेगांव समिति के सात गांवों के किसानों में प्रमुख रूप से मथीर लाल, गोवर्धन ठाकुर, महेश कुमार, भागवत, जगन्नाथ, गौतम राम, धनश्याम सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। किसानों ने प्रशासन से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की उम्मीद जताई है।




















