बालोद। गुरुर थाना क्षेत्र के ग्राम भरदा में साहू समाज के तीन व्यक्तियों के साथ हुई अमानवीय मारपीट की घटना को लेकर समाज में भारी आक्रोश है। पीड़ितों के साथ हुई इस गंभीर घटना के विरोध में जिला साहू संघ के अध्यक्ष मोहन साहू के नेतृत्व में मंगलवार को समाज के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में मांग की गई कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए गुरुर थाना प्रभारी को जांच से पृथक किया जाए तथा किसी अन्य सक्षम अधिकारी से जांच कराई जाए। साथ ही घटना में शामिल सभी आरोपियों, विशेषकर मुख्य आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए।
प्रदेश साहू संघ के पूर्व महामंत्री हलधर साहू ने बताया कि ग्राम भरदा में साहू समाज के तीन व्यक्तियों को पशु तस्कर समझकर बेरहमी से पीटा गया। इस हमले में एक पीड़ित के पैर में फ्रैक्चर, आंख और सिर पर गंभीर चोटें, गुप्तांग सहित शरीर के विभिन्न हिस्सों में गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं। आरोपियों ने पीड़ितों के साथ अमानवीय कृत्य करते हुए उनके कपड़े उतरवाए, उन पर पेशाब किया और जबरन पिलाने का आरोप भी लगाया गया है। साथ ही उनके मोबाइल फोन और नकदी भी लूट ली गई।
बताया गया कि यदि समय पर स्थानीय लोगों द्वारा बीच-बचाव कर पीड़ितों को अस्पताल नहीं पहुंचाया जाता, तो कोई बड़ी अप्रिय घटना भी घट सकती थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस घटना को अंजाम देने में धमतरी जिले से आए लगभग 10–15 लोग तथा गुरुर व आसपास के करीब 10 लोग शामिल थे। हालांकि पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन मुख्य आरोपी अब तक गिरफ्त से बाहर है, जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जिला साहू संघ ने पुलिस प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तीन दिवस के भीतर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी कर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो साहू समाज उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला साहू संघ के अध्यक्ष मोहन साहू, पूर्व महामंत्री हलधर साहू, किशोरी साहू, गोपाल साहू, मिथलेश साहू, हिरेंद्र साहू सहित बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।




















