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लाल चंदन तस्करी का बड़ा नेटवर्क किया ध्वस्त चेन्नई में 6.26 करोड़ रुपये मूल्य का 15 मीट्रिक टन लाल चंदन जब्त, चार आरोपी गिरफ्तार

चेन्नई। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने प्रतिबंधित लाल चंदन की संगठित तस्करी के एक बड़े प्रयास को विफल करते हुए 6.26 करोड़ रुपये मूल्य का करीब 15 मीट्रिक टन लाल चंदन जब्त किया है। इस मामले में तस्करी नेटवर्क से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

डीआरआई अधिकारियों को पुख्ता सूचना मिली थी कि चेन्नई और आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न गोदामों में लाल चंदन छिपाकर रखा गया है, जिसे दिल्ली के रास्ते अवैध रूप से विदेश निर्यात करने की तैयारी की जा रही है। इस सूचना के आधार पर डीआरआई ने 9 से 11 दिसंबर 2025 के बीच चेन्नई में तीन अलग-अलग स्थानों पर एक साथ सघन तलाशी अभियान चलाया।

तलाशी के दौरान एक गोदाम से ग्रेड-ए गुणवत्ता के 169 लाल चंदन के लट्ठे बरामद किए गए, जिनका कुल वजन 5.55 मीट्रिक टन था। इनमें से 76 लट्ठों को सफेद एचडीपीई पैकिंग सामग्री में लपेटकर ‘घरेलू सामान’ की आड़ में ट्रक के माध्यम से दिल्ली भेजने की तैयारी की गई थी। सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत अवैध निर्यात के लिए रखे गए लाल चंदन और उसे छिपाने में प्रयुक्त कवर सामान को जब्त कर लिया गया।

इसके अलावा, अन्य दो स्थानों पर की गई कार्रवाई में लट्ठों, जड़ों और फर्नीचर के रूप में 9.55 मीट्रिक टन लाल चंदन बरामद किया गया। जब्त किया गया लाल चंदन (टेरोकार्पस सैंटालिनस) सीआईटीईएस के परिशिष्ट-II तथा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-IV में सूचीबद्ध है और विदेश व्यापार नीति के तहत इसके निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध है।

 
 

इस प्रकरण में गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों में तस्करी नेटवर्क का मुख्य संचालक, लाल चंदन की पैकिंग एवं परिवहन में शामिल उसके दो सहयोगी तथा आपूर्तिकर्ता पक्ष का एक बिचौलिया शामिल है। डीआरआई द्वारा मामले की विस्तृत जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

राजस्व खुफिया निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि देश की आर्थिक सीमाओं के साथ खिलवाड़ करने और भारत की समृद्ध जैव विविधता को नुकसान पहुंचाने वाले संगठित तस्करी नेटवर्क के विरुद्ध उसकी कार्रवाई आगे भी सख्ती से जारी रहेगी।

 
 
 

 

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