जिला एवं सत्र न्यायालय बालोद के साथ-साथ व्यवहार न्यायालय डौण्डीलोहारा, दल्लीराजहरा और गुण्डरदेही तथा जिले के राजस्व न्यायालयों में भी लोक अदालत आयोजित की गई। लोक अदालत के सफल संचालन के लिए जिले में कुल 25 खंडपीठों का गठन किया गया। मामलों के निराकरण में पक्षकारों की भौतिक और वर्चुअल दोनों माध्यमों से उपस्थिति सुनिश्चित की गई, वहीं स्पेशल सिटिंग के माध्यम से पेटी अफेंस के प्रकरण भी सुलझाए गए।

नेशनल लोक अदालत में सिविल एवं दांडिक मामलों के साथ-साथ प्री-लिटिगेशन स्तर के बैंक, विद्युत, जलकर, बीएसएनएल तथा राजस्व न्यायालयों से जुड़े कुल 62 हजार 518 प्रकरण निराकरण के लिए रखे गए थे। इनमें से 60 हजार 251 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया। इस दौरान कुल 5 करोड़ 69 लाख 12 हजार 351 रुपये की राशि के अवार्ड पारित किए गए।
लोक अदालत के अवसर पर आपसी सहमति से विवाद सुलझाने वाले पक्षकारों को प्रोत्साहन स्वरूप पौधों का वितरण किया गया। जिला न्यायालय परिसर में आए लोगों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था की गई, वहीं स्थानीय उत्पादों के प्रचार-प्रसार के लिए बालोद बाजार की ओर से स्टॉल लगाए गए। इस मौके पर जिला न्यायालय परिसर में निर्मित नवीन मुख्य द्वार का उद्घाटन भी किया गया।
साथ ही समाज कल्याण विभाग द्वारा हितग्राहियों को ट्राइसिकल और श्रवण यंत्र वितरित किए गए, जबकि महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से गर्भवती महिलाओं की गोदभराई का आयोजन किया गया। नेशनल लोक अदालत ने न केवल न्यायिक प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाया, बल्कि सामाजिक सहभागिता और जनकल्याण की भावना को भी सशक्त रूप से आगे बढ़ाया।




















