बालोद।जिले की प्रशासनिक और विकासात्मक गतिविधियों की व्यापक तस्वीर आज सामने आई, जब कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने संयुक्त जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में वर्ष 2025–26 की प्रमुख योजनाओं, उपलब्धियों और आगामी कार्यक्रमों पर विस्तृत जानकारी साझा की। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से लेकर पंचायतों के डिजिटलाईजेशन, धान खरीदी, कृषि नवाचार, युवा उत्सव, टेक्नोफेस्ट 2.0, प्रधानमंत्री आवास योजना, खेल महोत्सव और मिशन गोद तक—जिले की लगभग हर बड़ी पहल पर आंकड़ों सहित प्रगति बताई गई।
मतदाता सूची पुनरीक्षण में बड़े पैमाने पर सुधार
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को जिले में तीव्र गति से आगे बढ़ाया गया है। तीनों विधानसभाओं में पुरुष मतदाताओं की संख्या 2,37,623 और महिला मतदाता 2,22,385 दर्ज हुए हैं, जबकि थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 16 है। जिले में कुल 56,046 ASD मतदाताओं की पहचान हुई है, जिनमें मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित और पहले से सूची में दर्ज नाम शामिल हैं। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को जारी होगी।
धान खरीदी सुचारू, फसल चक्र की ओर बढ़ता कदम
कृषि विभाग ने इस बार जल संकट को ध्यान में रखते हुए फसल विविधिकरण पर विशेष जोर दिया है। रबी वर्ष 2025–26 में 4091 हेक्टेयर में फसलों का प्रदर्शन किया गया, जबकि 1455 हेक्टेयर में किसानों ने धान के स्थान पर दलहनी–तिलहटी फसलों की बुआई कर वैकल्पिक खेती की दिशा में उल्लेखनीय पहल की है। किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन से लेकर पैरा संरक्षण और कम्पोस्ट निर्माण तक विभिन्न उपायों के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिले में अब तक 7780 किसान चौपाल आयोजित कर कृषकों को जागरूक किया गया है।
युवा उत्सव में जिले की प्रतिभाओं को मंच
15 दिसम्बर को होने वाला जिला स्तरीय युवा उत्सव इस बार अधिक समृद्ध रूप में आयोजित किया जा रहा है। लोकनृत्य, एकल गीत, कविता लेखन, चित्रकला, रॉकबैंड सहित विभिन्न विधाओं में कुल 91 प्रतिभागी शामिल होंगे। चयनित कलाकारों को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रतिनिधित्व का अवसर मिलेगा, जिससे जिले के युवाओं की सांस्कृतिक और रचनात्मक प्रतिभा को नया आयाम मिलने की उम्मीद है।
बालोद टेक्नोफेस्ट 2.0—नवाचार की ऊर्जा से गूंजता जिला
16 और 17 दिसम्बर को आयोजित होने वाला टेक्नोफेस्ट 2.0 इस बार अपने दायरे और प्रभाव में और भी बड़ा साबित होने जा रहा है। जिले के पाँच विकासखंडों से कुल 1589 नवाचार आइडिया प्राप्त हुए हैं। कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत इन विचारों में तकनीकी समाधान से लेकर वैज्ञानिक सोच तक की झलक मिलती है। विशेषज्ञों द्वारा चयन के बाद 6–8वीं के 75 मॉडल, 9–10वीं के 100 मॉडल और 11–12वीं के 75 मॉडल प्रदर्शनी के लिए चुने गए हैं।
UNICEF, CSVTU, CSIT, IIT और Pi-Jam Foundation जैसे संस्थान विद्यार्थियों को तकनीकी परामर्श देंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि टेक्नोफेस्ट बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टि और नवाचार को स्थायी रूप से विकसित करेगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना में प्रदेश में शीर्ष पर बालोद
प्रेस वार्ता में बताया गया कि वर्ष 2016 से अब तक जिले में कुल 54,078 आवास स्वीकृत हुए, जिनमें से 43,839 आवास पूर्ण हो चुके हैं—यह 81.07 प्रतिशत उपलब्धि है। इसके अतिरिक्त 10,239 आवास निर्माणाधीन हैं। 1 नवंबर 2025 तक जिले ने अपने वार्षिक लक्ष्य के विरुद्ध 7,971 आवास पूर्ण कर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। मोबाइल एप के माध्यम से 1 लाख से अधिक लाभार्थियों का सत्यापन पूरा किया जा चुका है।
सांसद खेल महोत्सव—जिले में 14,979 प्रतिभागियों का उत्साह
6 दिसम्बर से शुरू हुए सांसद खेल महोत्सव ने ग्रामीण और शहरी दोनों स्तरों पर युवाओं में ऊर्जा भर दी है। खो-खो, कबड्डी, 100 मी. दौड़, गेंदी दौड़, रस्साकशी, लंबी कूद जैसी प्रतियोगिताओं में कुल 14,979 प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है। महोत्सव का आयोजन क्लस्टर, विधानसभा और लोकसभा स्तर पर क्रमवार किया जा रहा है, जिसकी अंतिम प्रतियोगिताएँ 23–25 दिसम्बर को होंगी।
डिजिटलाईजेशन की ओर पंचायतें—436 ग्राम पंचायतों में ऑनलाइन व्यवस्था
पंचायत सचिवों का मानदेय अब SNA मॉड्यूल के माध्यम से पूरी तरह ऑनलाइन किया जा रहा है। नवंबर माह का कुल 14,07,359 रुपये का भुगतान इसी प्रणाली से जारी किया गया। डिजिटलाईजेशन के दायरे में 436 पंचायतें शामिल हैं, जिससे भुगतान में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित हो रही है।
बायोमेट्रिक उपस्थिति—1 जनवरी से लागू होगी पूर्ण प्रणाली
जिले के संयुक्त कार्यालय में कार्यरत कुल 296 कर्मचारियों में से 190 का पंजीयन अब तक पूरा हो चुका है। जनवरी 2026 से सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति आधार-सक्षम बायोमेट्रिक प्रणाली से दर्ज की जाएगी।
मिशन गोद—कुपोषण से लड़ाई में प्रभावी परिणाम
10 सितम्बर 2025 से शुरू मिशन गोद के तहत जनप्रतिनिधियों द्वारा 309, अधिकारियों द्वारा 184 और जनसामान्य द्वारा 180 बच्चों को गोद लिया गया है। इनमें क्रमशः 53, 51 और 36 बच्चे सामान्य पोषण श्रेणी में लौट आए हैं। जिले में अब तक 20.80 प्रतिशत बच्चे सामान्य श्रेणी में आ चुके हैं, जबकि पोषण ट्रैकर ऐप के अनुसार कुपोषण दर 16.09 प्रतिशत दर्ज की गई है।
जिला कलेक्टर द्वारा लिए गए इस प्रेसवार्ता में यह स्पष्ट किया गया है कि बालोद जिला प्रशासन एक साथ कई मोर्चों पर सक्रिय है—चुनाव तैयारी हो या नवाचार, कृषि सुधार हो या ग्रामीण आवास, युवाओं का उत्सव हो या कुपोषण के खिलाफ संवेदनशील पहल। आंकड़े बताते हैं कि जिले की अधिकांश योजनाएँ न केवल लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं, बल्कि कई क्षेत्रों में बालोद प्रदेश के लिए मिसाल भी बना है।
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