पर्याप्त चबूतरे और ड्रेनेज सुविधा न होने से केंद्रों में जगह खत्म होने की कगार पर है। समिति प्रभारियों का कहना है कि यदि अगले सप्ताह तक धान का उठाव शुरू नहीं हुआ, तो खरीदी और तौल बंद करनी पड़ सकती है, जिसका सीधा असर किसानों पर पड़ेगा।
दोगुनी क्षमता से अधिक धान का ढेर
मार्कफेड की ओर से अब तक परिवहन शुरू नहीं किया गया है, जबकि जिले में रोजाना लगभग 2 हजार क्विंटल धान की आवक हो रही है। क्षमता से दोगुना धान भरे होने के कारण कई केंद्रों में संचालन मुश्किल हो गया है।
122 समितियों के 143 केंद्रों में समर्थन मूल्य पर खरीदी जारी है। सिर्फ 13 दिनों में 10 लाख 62 हजार 344.40 क्विंटल धान खरीदा गया, जिसकी पुष्टि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक ने की है। इन 13 दिनों में 23 हजार 332 किसानों ने अपने धान की बिक्री की।

इन केंद्रों में 10 हजार क्विंटल से अधिक धान जाम
जिले के कई केंद्रों में धान का स्टॉक 10 हजार क्विंटल के पार पहुंच गया है—
पलारी – 17,966 क्विंटल
मिरीटोला – 16,990 क्विंटल
धनोरा – 15,260 क्विंटल
सुरेगांव – 14,378 क्विंटल
भाठागांव – 12,822 क्विंटल
कचांदुर – 12,958 क्विंटल
मोखा – 12,270 क्विंटल
गैंजी – 12,466 क्विंटल
कुरदी – 13,260 क्विंटल
कुसुमकसा – 13,952.40 क्विंटल
फागुन्दाह – 13,354 क्विंटल
पोडी – 11,515 क्विंटल
माहूद – 11,179 क्विंटल
कलंगपुर – 10,897 क्विंटल
पीरीद – 10,922 क्विंटल
पिनकापार – 10,179 क्विंटल
साकरा ज – 10,361.60 क्विंटल
गुजरा – 10,248 क्विंटल
इसके अलावा कई अन्य केंद्रों में भी स्टॉक 9 हजार क्विंटल के पार है। बुधवार की खरीदी के बाद कई केंद्रों के 10 हजार क्विंटल से ऊपर पहुंचने की संभावना है।
जाम की स्थिति से परेशान किसान
धान का उठाव न होने से जहां केंद्रों में धान का ढेर लग रहा है, वहीं किसानों को भी लंबी कतारों और देरी का सामना करना पड़ रहा है। यदि जल्द ही परिवहन शुरू नहीं होता, तो स्थिति और बिगड़ सकती है।




















