
इस आवासीय कोचिंग के लिए 6 नवम्बर 2025 को स्क्रीनिंग टेस्ट आयोजित किया गया था, जिसका परिणाम 19 नवम्बर को जारी किया गया। मेरिट सूची के आधार पर 100 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। चयनित विद्यार्थियों के लिए 3 दिसम्बर 2025 को विभागीय बैठक आयोजित की जाएगी तथा 2 दिसम्बर से कोचिंग कक्षाओं का औपचारिक संचालन शुरू होने की जानकारी दी गई है।
कोचिंग में शामिल विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री, यूनिफॉर्म, व्यक्तिगत उपयोग की आवश्यक सामग्रियाँ, चिकित्सा सुविधा और भोजन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी विद्यालय प्राचार्यों को चयनित विद्यार्थियों को समय पर कोचिंग स्थल तक भेजने और आवश्यक दिशा-निर्देश देने के निर्देश जारी किए हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी मधुलिका तिवारी ने इस पहल को बालोद जिले के विद्यार्थियों के भविष्य के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा—“हमारा प्रयास है कि जिले के प्रतिभाशाली बच्चे संसाधनों की कमी के कारण पीछे न रह जाएँ। आवासीय NEET–JEE कोचिंग से उन्हें एक समान अवसर मिलेगा और वे बड़े शहरों के विद्यार्थियों की तरह प्रतिस्पर्धी माहौल में पढ़ सकेंगे। हमें विश्वास है कि यह पहल आने वाले वर्षों में उत्कृष्ट परिणाम देगी।”
जिले में युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण कोचिंग व्यवस्था की यह पहल शिक्षा के स्तर को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। इससे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर तबके के मेधावी छात्रों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन मिल सकेगा और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर प्राप्त होगा। बालोद जिले में शिक्षा सुधार के लिए यह कदम दूरगामी प्रभाव छोड़ने वाला माना जा रहा है।




















