अनेक उपस्वास्थ्य केंद्रों में नए कमरे और भवन बनेंगे
जिपं अध्यक्ष तारणी चंद्राकर ने ज्ञापन सौंपकर बताया कि क्षेत्र के कई उपस्वास्थ्य केंद्र अत्यधिक कमरों की कमी से जूझ रहे हैं, जिससे मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को असुविधा होती है।
मांगपत्र में शामिल प्रमुख विकास कार्य जिसमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कलंगपुर : अतिरिक्त कक्ष निर्माण,उपस्वास्थ्य केंद्र, रजौली : अतिरिक्त कक्ष एवं टीना शेड निर्माण,उपस्वास्थ्य केंद्र, चिचबोड़ : नवीन भवन निर्माण,उपस्वास्थ्य केंद्र, अचौद : नवीन भवन निर्माण इन सभी महत्वपूर्ण मांगों को स्वास्थ्य मंत्री ने गंभीरता से सुनते हुए मौके पर ही 25 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की। इससे उपस्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव कक्ष, प्रतीक्षालय, अतिरिक्त कमरे और अन्य मूलभूत सुविधाएँ विकसित होंगी, जो ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में बड़ा बदलाव लाएँगी।
महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता की नियुक्ति की भी मांग
रजौली उपस्वास्थ्य केंद्र के लिए महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता की नियुक्ति का मुद्दा भी जिपं अध्यक्ष ने मंत्री के सामने रखा। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की स्वास्थ्य जांच और मातृत्व सेवाओं की बढ़ती जरूरत को देखते हुए यह मांग क्षेत्रवासियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

नेतृत्व की मौजूदगी और जनता की उम्मीदें
स्वास्थ्य मंत्री के इस दौरे के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष चेमन देशमुख, जनपद पंचायत अध्यक्ष पुरुषोत्तम चंद्राकर, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमोद जैन, मंडल अध्यक्ष युवराज मार्कण्डेय, पूर्व विधायक आर के राय,और अश्वनी यादव भी मौजूद रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
“ग्रामीणों को घर के पास ही मिले बेहतर स्वास्थ्य सेवा” — तारणी चंद्राकर
जिपं अध्यक्ष तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर ने कहा—“मेरी प्राथमिकता है कि हर नागरिक को उसके घर के पास ही बेहतर और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएँ मिलें। 25 लाख रुपये की स्वीकृति इसी संकल्प को आगे बढ़ाती है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होंगे और जनता को इन सुविधाओं का सीधा लाभ मिलेगा।”
क्षेत्रवासियों ने जताया आभार
स्वीकृति की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में उत्साह देखने को मिला। लोगों ने जिला पंचायत अध्यक्ष और स्वास्थ्य मंत्री के इस त्वरित और जनहितैषी निर्णय को क्षेत्र के लिए बड़ी राहत बताते हुए आभार व्यक्त किया।
यह निर्णय न केवल भवनों का विस्तार है, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य प्रणाली में भरोसे और सुविधा का नया आधार बनाने वाला कदम भी है।




















