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मन की बात 128वीं कड़ी: उपलब्धियों, नवाचार और सांस्कृतिक गौरव से भरा संबोधन

 

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ की 128वीं कड़ी में देशवासियों को संबोधित करते हुए नवंबर माह की प्रमुख उपलब्धियों, वैज्ञानिक प्रगति, सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक खेती, पर्यटन और खेल जगत की सफलताओं को साझा किया।

उन्होंने कहा कि नवंबर प्रेरणाओं से भरा रहा—26 नवंबर को संविधान दिवस पर सेंट्रल हॉल में विशेष कार्यक्रम, वंदेमातरम् के 150 वर्ष की शुरुआत, अयोध्या राम मंदिर पर धर्मध्वजा आरोहण और कुरुक्षेत्र में पांचजन्य स्मारक का लोकार्पण जैसे ऐतिहासिक क्षणों ने देश को गौरवान्वित किया।

विज्ञान, नवाचार और अंतरिक्ष की नई उड़ान

प्रधानमंत्री ने हैदराबाद में दुनिया की सबसे बड़ी लीप इंजन MRO सुविधा के उद्घाटन, मुंबई में INS ‘माहे’ के नौसेना में शामिल होने और निजी क्षेत्र की कंपनी स्कायरूट के ‘इन्फिनिटी कैंपस’ की शुरुआत को भारत की तकनीकी प्रगति की बड़ी उपलब्धि बताया।
उन्होंने ISRO द्वारा आयोजित एक अनोखी ‘ड्रोन प्रतियोगिता’ का जिक्र करते हुए युवाओं की जुझारू क्षमता और नवाचार की सराहना की। मंगल जैसी परिस्थितियों में बिना GPS सपोर्ट ड्रोन उड़ाने की चुनौती की तुलना उन्होंने चंद्रयान-2 की असफलता के बाद चंद्रयान-3 की सफलता से की।

कृषि क्षेत्र और शहद उत्पादन की उन्नति

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने 357 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया है। शहद उत्पादन में भी देश नई ऊंचाइयों पर पहुंचा है—76 हजार मीट्रिक टन से बढ़कर डेढ़ लाख मीट्रिक टन से अधिक।
जम्मू-कश्मीर के रामबन सुलाई हनी को GI टैग मिलना, कर्नाटक के पुत्तुर और तुमकुरु में आधुनिक प्रोसेसिंग यूनिट्स द्वारा किसानों की आय बढ़ाना और नागालैंड की cliff-honey hunting परंपरा को उन्होंने प्रेरणादायक उदाहरण बताया।

कुरुक्षेत्र व गीता महोत्सव का अनुभव

प्रधानमंत्री ने कहा कि कुरुक्षेत्र के महाभारत अनुभव केंद्र में 3D और डिजिटल तकनीक से महाभारत को जीवंत किया गया है। ब्रह्मसरोवर पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में दुनियाभर की भागीदारी को उन्होंने भारत की आध्यात्मिक शक्ति करार दिया।
उन्होंने सऊदी अरब और लातविया समेत कई देशों में हाल ही में हुए गीता आयोजनों का भी उल्लेख किया।

संस्कृति, करुणा और वैश्विक सद्भाव

संदर्भ देते हुए प्रधानमंत्री ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पोलिश यहूदी बच्चों को आश्रय देने वाले नवानगर के जाम साहब की मानवीय पहल को याद किया। इजराइल में हाल ही में जाम साहब की प्रतिमा स्थापना को उन्होंने “भारत की मानवीय विरासत का प्रतीक” बताया।

भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को रूस, मंगोलिया, वियतनाम और थाईलैंड ले जाए जाने व वहां उत्साहपूर्ण दर्शन को उन्होंने वैश्विक आध्यात्मिक जुड़ाव की मिसाल बताया।

नेचुरल फार्मिंग और काशी-तमिल संगमम

कोयंबटूर में नेचुरल फार्मिंग सम्मेलन का अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षित युवा भी अब प्राकृतिक खेती अपना रहे हैं।
2 दिसंबर से शुरू हो रहे काशी-तमिल संगमम-4 की थीम “Learn Tamil – तमिल करकलम्” बताते हुए उन्होंने हर भारतीय से इसमें शामिल होने की अपील की।

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता

INS ‘माहे’ के शामिल होना, इसके स्वदेशी डिज़ाइन और स्थानीय सांस्कृतिक प्रतीकों के उपयोग को प्रधानमंत्री ने गर्व का विषय बताया।
उन्होंने नौसेना दिवस (4 दिसंबर) को सैनिकों के साहस को नमन करने का अवसर बताया और देशभर के नौसेना व मरीन म्यूज़ियमों का भ्रमण करने का आग्रह किया।

विंटर टूरिज्म और उत्तराखंड की नई पहचान

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में विंटर टूरिज्म की अपार संभावनाएँ हैं। औली, मुनस्यारी, चोपटा, डेयारा और आदि कैलाश जैसे स्थलों की लोकप्रियता बढ़ रही है।
पिथौरागढ़ में 14,500 फीट की ऊंचाई पर पहली हाई-एल्टीट्यूड अल्ट्रा रन और आगामी विंटर गेम्स को उन्होंने बड़ी शुरूआत बताया।
उन्होंने कहा कि “Wed in India” के तहत पहाड़ी स्थलों में डेस्टिनेशन वेडिंग्स का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है।

स्पोर्ट्स: महिलाओं और युवाओं की ऐतिहासिक उपलब्धियां

प्रधानमंत्री ने कहा कि नवंबर भारतीय खेलों के लिए “सुपरहिट” रहा।
– महिला क्रिकेट टीम ने वर्ल्ड कप जीता
– Deaf-Olympics में भारत के 20 पदक
– महिला कबड्डी टीम की विश्व कप विजय
– बॉक्सिंग कप फाइनल्स में 20 मेडल
– महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम द्वारा बिना एक भी मैच हारे विश्व कप जीतना—इसे उन्होंने “भारतीय खेल इतिहास की सबसे प्रेरक जीतों में से एक” बताया।

उन्होंने बताया कि देश में Endurance Sports की संस्कृति तेजी से बढ़ रही है जहाँ हर महीने 1500 से ज्यादा इवेंट हो रहे हैं। गोवा में आयोजित Ironman Triathlon का विशेष उल्लेख किया।

वोकल फॉर लोकल: वैश्विक मंच पर भारतीय शिल्प

G-20 के दौरान विदेशी नेताओं को भारतीय शिल्पकला से जुड़े उपहार भेंट कर उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ को मजबूत किया—
तंजावुर की नटराज प्रतिमा, उदयपुर का चांदी का अश्व, करीमनगर का सिल्वर क्राफ्ट, मन्नार की ब्रास उरली इत्यादि।
उन्होंने कहा कि इस बार त्योहारों में देश ने स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की नई मिसाल पेश की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ देश के सामूहिक प्रयासों का मंच है। उन्होंने आने वाली ठंड में लोगों से स्वास्थ्य का ध्यान रखने और ‘वोकल फॉर लोकल’ को जीवनशैली का हिस्सा बनाने की अपील की।

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