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राष्ट्रीय सुरक्षा पर देश का फोकस बना छत्तीसगढ़: रायपुर में संपन्न डीजीपी कॉन्फ्रेंस ने खोले सुरक्षा सुधारों के नए रास्ते

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर देश की राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति का केंद्र बन गई है। यहां आयोजित तीन दिवसीय डीजीपी/आईजीपी सम्मेलन के सफल आयोजन ने न सिर्फ राज्य की प्रतिष्ठा बढ़ाई, बल्कि पुलिसिंग, खुफिया तंत्र और आपदा प्रबंधन के भविष्य को लेकर कई महत्वपूर्ण दिशाओं को भी तय किया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सम्मेलन का छत्तीसगढ़ में सफल आयोजन राज्य के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, गृह राज्य मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और देशभर के डीजीपी व सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों की उपस्थिति ने आयोजन के महत्व को कई गुना बढ़ा दिया।
मुख्यमंत्री ने सम्मेलन के सुचारू संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक समन्वय में शामिल सभी अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों को धन्यवाद दिया।

पुलिसिंग में बड़े बदलावों के संकेत

IIM रायपुर में हुए 60वें अखिल भारतीय डीजीपी/आईजीपी सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने पुलिसिंग की सोच और कार्यशैली में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस के प्रति जनता की धारणा में बदलाव जरूरी है—खासकर युवाओं के बीच। इसके लिए संवेदनशील, जवाबदेह और सक्षम पुलिस व्यवस्था विकसित करनी होगी।

प्रधानमंत्री ने—

शहरी पुलिसिंग को मजबूत करने

पर्यटन पुलिस को पुनर्जीवित करने

नए आपराधिक कानूनों (भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम, नागरिक सुरक्षा संहिता) पर जनजागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया।

एआई और खुफिया तंत्र का नया युग

प्रधानमंत्री ने पुलिस और प्रशासन से कहा कि वे प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अधिकतम उपयोग करें।

नेटग्रिड के तहत एकीकृत डेटाबेस का प्रभावी उपयोग

निर्जन द्वीपों की सुरक्षा रणनीतियाँ

फोरेंसिक आधारित जांच में नवाचार
इनकी अहमियत को भी रेखांकित किया गया।


उन्होंने विश्वविद्यालयों को फोरेंसिक इन्वेस्टिगेशन पर रिसर्च और केस स्टडी तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही, ताकि जांच प्रणाली और मजबूत हो सके।

राष्ट्रीय सुरक्षा के अहम बिंदुओं पर चर्चा

सम्मेलन में निम्न प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ—

विज़न 2047 के लिए पुलिसिंग रोडमैप

आतंकवाद-निरोध और कट्टरपंथ-निरोध की उभरती चुनौतियाँ

महिलाओं की सुरक्षा में तकनीक की बढ़ती भूमिका

विदेशी भगोड़ों को लौटाने की रणनीतियाँ

फोरेंसिक क्षमताओं को मजबूत करना

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का समग्र विकास

तटीय और द्वीपीय सुरक्षा की नई रूपरेखा

नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ समग्र सरकारी रणनीति

आपदा प्रबंधन पर विशेष जोर

चक्रवात दित्वा की मौजूदा स्थिति का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आपदाओं से निपटने में सक्रिय योजना, समन्वित प्रतिक्रिया और त्वरित कार्रवाई बेहद आवश्यक है। उन्होंने पुलिस प्रमुखों से प्राकृतिक आपदाओं के प्रति तैयारियों को और बेहतर करने का आग्रह किया।

सम्मान और उपलब्धियाँ

सम्मेलन में—

खुफिया ब्यूरो अधिकारियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक दिए गए

शहरी पुलिसिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन शहरों को पहली बार स्थापित ‘अर्बन पुलिसिंग अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया


छत्तीसगढ़ की मेजबानी पर देशभर में चर्चा

कार्यक्रम में शामिल सभी शीर्ष अधिकारियों, केंद्रीय एजेंसियों और वर्चुअल माध्यम से जुड़े 700 से अधिक अधिकारियों ने रायपुर की उत्कृष्ट मेजबानी की सराहना की। सम्मेलन के सफल आयोजन ने यह साबित किया कि छत्तीसगढ़ अब राष्ट्रीय सुरक्षा चिंतन और रणनीति निर्माण का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।

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