नई नियुक्ति की खबर मिलते ही शनिवार को बुधवारी बाजार स्थित उनके निवास में पार्टी कार्यकर्ता डोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ जश्न मनाने पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने हिरवानी का फूल-मालाओं से स्वागत कर मिठाई खिलाई। इसके बाद हिरवानी खुद ट्रैक्टर चलाते हुए सदर रोड से कांग्रेस भवन तक रैली में शामिल हुए, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया और कार्यकर्ताओं ने ‘चंद्रेश हिरवानी जिंदाबाद’ के नारे लगाए।

जानकारी के अनुसार, इस नियुक्ति में जिले के तीनों विधायकों —अनिला भेड़िया,संगीता सिन्हा, कुंवर सिंह निषाद और पूर्व विधायक भैयाराम सिन्हा — की सहमति महत्वपूर्ण रही। जिले के विभिन्न खेमों और स्थानीय कार्यकर्ताओं की रजामंदी के बाद हिरवानी का नाम पुनः अंतिम रूप से तय हुआ। तीनों विधायकों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
चंद्रेश हिरवानी वर्तमान में भी जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं। छात्र जीवन से ही वे एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस से जुड़कर संगठन में सक्रिय रहे हैं। उनकी पहचान एक जमीनी कार्यकर्ता, सहज व्यवहार और मजबूत तालमेल वाले नेता के रूप में होती है। साथ ही वे एक सफल कृषक भी हैं।

हिरवानी ने कहा कि वे तीनों विधायकों के मार्गदर्शन में संगठन को और मजबूत करने की दिशा में कार्य करेंगे तथा सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ सामंजस्य बनाकर मिशन 2028 की तैयारी को मजबूती देंगे। सोशल मीडिया पर भी उनकी नियुक्ति को लेकर लगातार बधाइयों का सिलसिला जारी है।
बालोद जिले की राजनीतिक स्थिति में जहां तीनों विधानसभा सीटों पर कांग्रेस के विधायक हैं, वहीं अधिकांश नगरीय निकाय, जनपद और जिला पंचायतों पर बीजेपी का कब्जा है। ऐसे में संगठन को नए सिरे से धार देने की जिम्मेदारी अब एक बार फिर चंद्रेश हिरवानी के कंधों पर है।




















