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छत्तीसगढ़ में बड़ी कार्रवाई : DMF व आबकारी घोटाले पर ACB–EOW की दबिश, कई ठिकानों पर छापे

छत्तीसगढ़ में डीएमएफ (जिला खनिज न्यास) और आबकारी घोटाले की जांच तेजी पकड़ चुकी है। सोमवार सुबह एसीबी और ईओडब्ल्यू की संयुक्त टीमों ने प्रदेश के कई शहरों में एक साथ छापामार कार्रवाई शुरू की। करोड़ों रुपए के कथित DMF घोटाले में सप्लाई से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही है।

अंबिकापुर में दो ठिकानों पर दबिश
अंबिकापुर में पर्राडांड निवासी डॉ. तनवीर अहमद और सत्तीपारा निवासी अमित अग्रवाल के घर पर जांच टीमों ने दस्तक दी। डॉ. तनवीर वर्तमान में बलरामपुर जिले में पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर के पद पर पदस्थ हैं। टीम उनके आवास पर दस्तावेज खंगाल रही है तथा संबंधित सप्लाई और भुगतान के मामलों को लेकर पूछताछ भी जारी है।

DMF सप्लाई से जुड़े दस्तावेजों की जांच
सूत्रों के अनुसार टीम DMF मद में हुए करोड़ों रुपए के खर्च, सप्लायरों की सूची, बिलिंग, स्टॉक और भुगतान की प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही है। कई संदेहास्पद दस्तावेजों को टीम ने जब्त कर जांच के लिए अलग रखा है।

एक साथ कई शहरों में कार्रवाई
रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर और कोंडागांव सहित राज्य के कई शहरों में ईओडब्ल्यू की टीमें एक साथ सक्रिय रहीं। सुबह से शुरू हुई कार्रवाई देर शाम तक जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।

कोंडागांव में भी छापामारी
कोंडागांव जिला मुख्यालय के सरगीपाल रोड स्थित कोणार्क जैन के घर पहुंची एसीबी की टीम लगभग दो घंटे से जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी में पता चला है कि वर्ष 2019-20 में DMF सप्लाई में कथित अनियमितताओं को लेकर यह कार्रवाई की गई है। हालांकि अब तक किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि विभाग की ओर से नहीं की गई है।

अधिकारियों का कहना
अधिकारियों के अनुसार छापे का उद्देश्य केवल दस्तावेजों की जांच कर तथ्यों को स्पष्ट करना है और आगे की कार्रवाई दस्तावेजों की पुष्टि के बाद तय की जाएगी।

प्रदेश में हलचल तेज
लगातार हो रही बड़े पैमाने की छापामार कार्रवाई ने प्रशासन और सप्लाई कारोबार से जुड़े लोगों में हलचल बढ़ा दी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते हैं।

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