तीन प्रमुख समाजों के लिए सामुदायिक भवन—75 लाख की मांग
राकेश यादव ने अपने पहले पत्र में बालोद जिले के कोसरिया यादव समाज, देवांगन समाज और मरार समाज के लिए अलग-अलग सामुदायिक भवन निर्माण की स्वीकृति का अनुरोध किया।
उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि—प्रत्येक समाज के लिए ₹25 लाख,कुल ₹75 लाख की आवश्यकता
बताई गई है। यादव ने कहा कि इन भवनों के बनने से सामाजिक गतिविधियों, पारंपरिक आयोजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामुदायिक विकास को नई दिशा मिलेगी। समाजों के लिए यह भवन स्थायी संसाधन के रूप में काम आएंगे और स्थानीय सहभागिता भी बढ़ेगी।

बालोद कॉलेज में इंडोर स्टेडियम की जरूरत—खेल प्रतिभाओं को मिलेगी उड़ान
दूसरे पत्र में राकेश यादव ने शासकीय घनश्याम सिंह गुप्त पी.जी. महाविद्यालय, बालोद में इंडोर स्टेडियम निर्माण की मांग रखी।
उन्होंने बताया कि—कॉलेज में 3000 से अधिक छात्र-छात्राएँ पढ़ाई कर रहे हैं। बैडमिंटन, कबड्डी और अन्य इंडोर खेलों में राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर छात्र लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
ऐसे में कॉलेज परिसर में ‘इंडोर स्टेडियम’ बनने से न केवल खेल प्रतिभाओं को उन्नत संसाधन मिलेंगे, बल्कि ‘खेलो इंडिया’ जैसी योजनाओं को भी वास्तविक मजबूती मिलेगी।
उपमुख्यमंत्री को सौंपा गया विकास का रोडमैप
बालोद प्रवास के दौरान दोनों प्रस्तावों को सौंपते हुए राकेश यादव ने कहा कि ये मांगें केवल निर्माण संबंधी नहीं, बल्कि जिले के सामाजिक और शैक्षणिक विकास का आधार हैं। उन्होंने उपमुख्यमंत्री अरुण साव से इन पर तत्काल निर्णय लेने की अपील की है। उपमुख्यमंत्री साव ने ज्ञापन प्राप्त कर प्रस्तावों का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
बालोद जिले में सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक गतिविधियों और खेलों के लिए यह दोनों मांगपत्र विकास की नई संभावनाएँ खोलते हैं। स्थानीय स्तर पर इन्हें लेकर सकारात्मक माहौल है और आम जनता को उम्मीद है कि सरकार जल्द इन प्रस्तावों पर कार्यवाही करेगी।




















