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आखिर ऐसा क्या हुआ राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर पत्रकारों को उपमुख्यमंत्री से मांगनी पड़ी अपनी सुरक्षा की गारंटी … मंत्री से झूठी FIR और द्वेषपूर्ण कार्रवाई के मामलों पर डीजीपी से बात करने का मिला आश्वासन

 

बालोद। रविवार को राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर जिले भर के पत्रकारों ने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव से मुलाकात की और पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वतंत्र कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की मांग रखी। हाल के दिनों में पत्रकारों पर की गई कथित झूठी FIR, अनावश्यक दबाव और पुलिस की द्वेषपूर्ण कार्रवाइयों के संदर्भ में पत्रकारों ने उपमुख्यमंत्री को विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा।

पत्रकारों ने बताया कि क्षेत्र में लगातार ऐसी घटनाएँ बढ़ रही हैं जिनसे न केवल प्रेस स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है, बल्कि पत्रकारों में असुरक्षा का वातावरण भी गहराता जा रहा है। इसी कारण राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर पत्रकारों ने एकजुट होकर अपनी सुरक्षा की गारंटी की मांग उठाई।

पत्रकारों की समस्याएँ सुनने के बाद उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं और उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि वे इस पूरे मामले में डीजीपी छत्तीसगढ़ से चर्चा करेंगे तथा सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी पत्रकार के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और पुलिस-प्रशासन को भी निष्पक्षता बनाए रखने के निर्देश दिए जाएंगे।

इस दौरान बड़ी संख्या में अंचल के पत्रकार उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से—वीरेंद्र भारद्वाज, नरेंद्र खोब्रागड़े, मोहन दास मानिकपुरी, संतोष साहू, राहुल भूतड़ा, रवि भूतड़ा,आलोक गुप्ता, बलराम गुप्ता, संतोष कोशी, अजयन पिल्ले, हीरालाल पवार, भोजराम साहू, नीलेश श्रीवास्तव, राघवेन्द्र शर्मा, कमल शर्मा, शेखर गुप्ता, कमल साहू, छगन साहू, गोरेलाल सोनी, तेजराम साहू, ओम गोलछा, दीपक राजाभोज, लक्ष्मी कांत बंसोड़, किशोर साहू, राजेश पटेल, शिव जायसवाल, , विकास साहू, संजय सोनी, बोधन भट्ट, टीकम पिपरिया, परस साहू, मीनू साहू, खिलावन चंद्राकर, तिलक राम देशमुख, केशव सिन्हा, तरुण नाथ योगी, मोहम्मद फुरकान खान, अंकित टाटिया, यशवंत निषाद, दीपक देवदास, सोनू देवदास, दानवीर साहू, नरेश जोशी, राजेश साहू, देवेंद्र साहू, जगन्नाथ साहू, मधुसागर, कृष्णा गंजीर, अमित मंडावी, तहजीब खान, मंजू शर्मा, टामन साहू, जागेश्वर सिन्हा, हेमशंकर सोनवानी और सतीश रजत सहित अनेक पत्रकार साथी शामिल रहे।

पत्रकारों को उम्मीद है कि सरकार की इस संवेदनशील पहल के बाद क्षेत्र में पत्रकार सुरक्षा और प्रेस स्वतंत्रता को नई मजबूती मिलेगी।

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