एस्मा के तहत कड़ा रुख – प्रशिक्षण में गैरहाजिर अधिकारियों को चेतावनी
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने ग्रामीण कृषि विकास अधिकारियों को निर्देशित किया है कि धान खरीदी से जुड़े सभी दायित्वों का पूरी गंभीरता से पालन करें। सुबह आयोजित प्रशिक्षण में अनुपस्थित पाए गए अधिकारियों को पत्र जारी कर स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि धान उपार्जन कार्य आवश्यक सेवा में शामिल है और किसी भी तरह की लापरवाही पर सीधी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। प्रशासन ने अनुपस्थित अधिकारियों को आज शाम आयोजित प्रशिक्षण सत्र में अनिवार्य रूप से शामिल होने के निर्देश दिए थे।

कल से खरीदी शुरू – 52 केंद्रों में 301 किसानों को टोकन जारी
राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप जिले में धान खरीदी का कार्य कल से औपचारिक रूप से शुरू होगा।
प्रशासन ने बताया कि पहले दिन 52 उपार्जन केंद्रों के लिए 301 किसानों को 13,998 क्विंटल धान खरीदी का टोकन जारी किया गया है।
केंद्रों में सभी व्यवस्थाएं पूरी – पेयजल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक कांटा तक
धान बेचने के लिए आने वाले किसानों की सुविधा के मद्देनज़र सभी केंद्रों में निम्न व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं—
शुद्ध पेयजल, बैठने और छांव की व्यवस्था
नाप-तौल हेतु इलेक्ट्रॉनिक कांटा, आर्द्रता मापी यंत्र
इंटरनेट, चालू कंप्यूटर सेट, यूपीएस व जनरेटर
स्टेनसिल, दीमकरोधी दवाएं, रंग, सुतली
पर्याप्त हमाल, फ्लाई ऐश/सीमेंट ब्लॉक, प्लास्टिक बैग और भूसा
प्राथमिक उपचार पेटी
सभी संबंधित कर्मचारियों का प्रशिक्षण

हड़ताल की स्थिति में वैकल्पिक ड्यूटी तय
समिति प्रबंधक और कंप्यूटर ऑपरेटरों की संभावित हड़ताल को देखते हुए प्रशासन ने अन्य विभागों के कर्मचारियों को उपार्जन केंद्रों में तैनात किया है। कंप्यूटर ऑपरेटरों की भी वैकल्पिक व्यवस्था तैयार है ताकि खरीदी बाधित न हो।

मॉनिटरिंग हाई अलर्ट – अवैध धान पर लगाम कसने की तैयारी
जिला प्रशासन ने खरीदी प्रक्रिया को निर्बाध बनाए रखने के लिए सभी राजस्व अधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार स्तर पर लगातार निगरानी की व्यवस्था की है।
साथ ही—वास्तविक किसानों के वास्तविक रकबे के आधार पर खरीदी सुनिश्चित,अवैध धान की खरीद-बिक्री रोकने के लिए उड़नदस्ता टीम सक्रिय,संवेदनशील स्थानों पर लगातार नजर,चेकपोस्टों पर सख्त निगरानी
जिला प्रशासन का कहना है कि धान खरीदी का पूरा सिस्टम तैयार है और अब जिम्मेदारी सभी अधिकारियों-कर्मचारियों की है कि बिना किसी व्यवधान के किसानों को सुचारू खरीदी की सुविधा सुनिश्चित की जाए।




















