
मामले में पुलिस ने गुजरात निवासी अलपेश पटेल और महाराष्ट्र निवासी अशोक गाड़गे को हिरासत में लिया है। पूछताछ में दोनों कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके, लेकिन सूत्रों के अनुसार बरामद रकम रायपुर के एक ज्वेलरी कारोबारी से जुड़ी है, जो हवाला के जरिये बड़े पैमाने पर रकम नागपुर भेजा करता था। बताया जा रहा है कि यह रकम नागपुर में हवाला नेटवर्क के जरिए आगे ट्रांसफर की जानी थी।
हवाला कारोबार का बढ़ता दायरा
हवाला का यह नेटवर्क अब छोटे शहरों तक फैल चुका है। बिना बैंकिंग प्रक्रिया और टैक्स के बड़ी रकम एक शहर से दूसरे शहर पहुंचाई जाती है। इस कारोबार में नकली बिल, शेल कंपनियों और सोने-चांदी के व्यापार की आड़ में रकम को खपाया जाता है। हवाला नेटवर्क का फायदा उन कारोबारियों को होता है जो काले धन को सफेद करने के लिए वैधानिक रास्तों से बचना चाहते हैं। इस पूरे खेल में सरकार को टैक्स का बड़ा नुकसान होता है जबकि अवैध पूंजी का प्रवाह समानांतर अर्थव्यवस्था को बढ़ाता है।

पुलिस की तत्परता बनी बड़ी कामयाबी की कुंजी
विश्वसनीय मुखबिर से मिली सूचना पर बालोद पुलिस ने सुबह-सुबह कार का पीछा करते हुए पड़कीभाट के पास उसे रोका। गाड़ी की गहन तलाशी के दौरान गुप्त चैम्बर से नकदी बरामद हुई। मौके पर SBI टीम को बुलाकर नोटों की गिनती कराई गई और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गई ताकि कार्रवाई पारदर्शी रहे।
पुलिस ने मामला दर्ज कर धारा 106 BNSS और 182(क)(4) मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की है। बरामद नकदी की जानकारी आयकर विभाग (IT टीम) को भी दे दी गई है। विभाग अब रकम के स्रोत, नेटवर्क और ज्वेलरी कारोबारी की भूमिका की जांच करेगा।

आगे की जांच में बड़े खुलासे की संभावना
सूत्रों का कहना है कि यह रकम हवाला चैनल के जरिए महाराष्ट्र तक पहुंचाई जानी थी, जहां इसे आगे छोटे हिस्सों में बांटकर अन्य खातों में खपाया जाता। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि रायपुर से इस नेटवर्क को कौन संचालित कर रहा था और इसका संबंध किन व्यापारिक समूहों या राजनीतिक संपर्कों से जुड़ा हो सकता है।
बालोद पुलिस की यह कार्रवाई न सिर्फ एक बड़ी बरामदगी है, बल्कि हवाला के उस गुप्त रास्ते पर भी करारा प्रहार है, जिसके जरिये अवैध पूंजी देश की आर्थिक धारा में बेखौफ बहाई जा रही थी। यह मामला अब तक की सबसे बड़ी नकदी जब्ती के रूप में दर्ज हुआ है, जिसने हवाला कारोबार की गहराई और इसके छिपे नेटवर्क को एक बार फिर उजागर कर दिया है।




















