प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली से किया वर्षभर चलने वाले स्मरणोत्सव का शुभारंभ
बालोद। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के स्मरणोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में एक भव्य समारोह में किया। इस अवसर पर पूरे देश में 150 से अधिक स्थलों पर वंदे मातरम् का सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित हुआ।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि “1875 में बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा रचित ‘वंदे मातरम्’ केवल गीत नहीं, बल्कि देशभक्ति और एकता का प्रतीक है। यह गीत स्वतंत्रता संग्राम के दौरान करोड़ों भारतीयों की प्रेरणा बना और आज भी हर भारतीय के मन में राष्ट्रीय गौरव की भावना जगाता है।”
बालोद में भी दिखा उत्साह
वंदे मातरम् के 150वें वर्ष के इस ऐतिहासिक अवसर पर बालोद नगर पालिका परिषद में भी विशेष आयोजन किया गया।
नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी, उपाध्यक्ष कमलेश सोनी, पार्षद गिरजेश गुप्ता, कांति साहू, गोमती रात्रे, पुष्पा साहू, आशा पटेल, श्यामा यादव सहित नगर पालिका के अधिकारी, कर्मचारी और स्वच्छता दीदियों ने एकत्र होकर कार्यक्रम का टेलीविजन प्रसारण देखा और राष्ट्रगीत का श्रवण किया।

अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी का वर्शन
नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी ने कहा— “वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, यह हमारी राष्ट्रीय अस्मिता, संस्कृति और एकता का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में जब देश इस ऐतिहासिक अवसर का जश्न मना रहा है, तो बालोद नगर पालिका को भी गर्व है कि हमने इस क्षण को मिलजुलकर साझा किया। इस तरह के आयोजन देश के हर नागरिक में राष्ट्रभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा की भावना को और सशक्त बनाते हैं।”
बालोद में आयोजित यह सामूहिक कार्यक्रम केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उस भावना का प्रतीक रहा जिसने भारत को “वंदे मातरम्” की गूंज के साथ स्वतंत्रता के स्वप्न तक पहुँचाया — और आज भी उसी गूंज से नई पीढ़ी को प्रेरित कर रहा है।




















