
हालांकि इसी स्टॉल में लगे एक निजी ठेकेदार महेश कुमार साहू के नाम और तस्वीर वाले फ्लेक्स ने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया। शासकीय पंडाल में निजी ठेकेदार का प्रचारात्मक फ्लेक्स लगाए जाने से सवाल उठने लगे कि आखिर विभागीय प्रचार मंच पर ठेकेदारों का विज्ञापन कैसे लग गया।
सूत्रों के अनुसार, बालोद जिले में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत करीब 30 से अधिक वेंडर पंजीकृत हैं, जिनके माध्यम से सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं। लेकिन राज्योत्सव के दौरान CSPDCL के प्रचार स्टॉल में सिर्फ एक ठेकेदार का फ्लेक्स लगाए जाने को लेकर असंतोष व्यक्त किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी मंच पर किसी एक ठेकेदार का प्रचार उचित नहीं है।
इस संबंध में जब CSPDCL बालोद के डिविजनल इंजीनियर एस. के. बंड से बात की गई तो उन्होंने स्पष्ट किया “सभी पंजीकृत वेंडरों को स्टॉल में आकर अपनी डिजाइन, ड्रॉइंग और प्रचार सामग्री प्रदर्शित करने का अवसर दिया गया था। परंतु अधिकांश वेंडरों ने रुचि नहीं दिखाई। केवल दो वेंडर — दल्लीराजहरा के रूपलाल साहू और बालोद के महेश कुमार साहू — ने सक्रिय रूप से भाग लिया। हमने किसी विशेष वेंडर को प्राथमिकता नहीं दी।”

डीई बंड ने आगे बताया कि जिले में वर्ष 2025-26 के लिए 4 हजार सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 107 पैनल लगाए जा चुके हैं, जबकि 40 इंस्टॉलेशन प्रगति पर हैं। इसके अलावा 62 उपभोक्ताओं के बैंक लोन आवेदन प्रक्रिया में हैं और 87 उपभोक्ताओं को सब्सिडी दी जा चुकी है। कुल मिलाकर जिले में योजना की 1.03 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है।
अधिकारियों का कहना है कि सोलर मिशन में जनभागीदारी बढ़ाने के लिए सभी वेंडरों को समान अवसर दिए गए हैं। वहीं विभाग का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक घर इस योजना से जुड़ें, ताकि न केवल बिजली बिलों में राहत मिले बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान हो।




















