
कार्यक्रम में विभागों की प्रदर्शनियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को सम्मानित किया गया। जल संसाधन विभाग को प्रथम, कृषि विभाग को द्वितीय और पंचायत, महिला एवं बाल विकास, पशुधन व ऊर्जा विभाग को संयुक्त रूप से तृतीय स्थान मिला। आयोजन में सहयोग करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

यशवंत जैन का प्रेरक संबोधन:
राज्योत्सव के समापन समारोह में भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 25 वर्ष की यात्रा संघर्ष से उपलब्धि तक का अध्याय है। राज्य निर्माण से पहले यहां बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी थी, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति बेहद कमजोर थी। लेकिन आज, केंद्र और राज्य सरकारों की दूरदृष्टि और जनभागीदारी से छत्तीसगढ़ हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ अब सिर्फ खनिजों का नहीं, बल्कि जनशक्ति, संस्कृति और संवेदनशील प्रशासन का प्रतीक बन गया है। यह 25 साल हमारी आत्मनिर्भरता, विकास और स्वाभिमान की गाथा है।”
जैन ने छत्तीसगढ़ के स्वप्नदृष्टा नेता पूर्व सांसद लाल श्याम शाह को याद करते हुए कहा कि उनके संघर्षों ने राज्य को नई पहचान दी। साथ ही, उन्होंने बालोद प्रशासन की तारीफ करते हुए कहा कि जिले ने “बाल विवाह मुक्त जिला” बनकर सामाजिक चेतना की मिसाल पेश की है।

प्रतिभा चौधरी की टीम की प्रशंसा
नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी ने कहा कि तीन दिवसीय राज्योत्सव बालोद की संस्कृति, कला और परंपरा का शानदार उत्सव रहा। उन्होंने कहा, “हमारे लोक कलाकारों और विद्यार्थियों ने जिस समर्पण से प्रस्तुति दी, उसने छत्तीसगढ़ महतारी की माटी की खुशबू पूरे मैदान में बिखेर दी। राज्योत्सव न केवल मनोरंजन का मंच रहा, बल्कि यह हमारी जड़ों से जुड़ने का अवसर भी बना।”
चौधरी ने बालोद प्रशासन और आयोजन टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन लोगों में एकता और गर्व की भावना को और मजबूत करते हैं।

चेमन देशमुख ने कहा राज्य अब विकास, संस्कृति और स्वाभिमान का पर्याय बन चुका:
वरिष्ठ जनप्रतिनिधि चेमन देशमुख ने कहा कि राज्योत्सव का यह अवसर न केवल हर्ष और उल्लास का प्रतीक है, बल्कि यह हमें यह भी याद दिलाता है कि राज्य निर्माण के बाद बालोद सहित छत्तीसगढ़ ने कितनी लंबी दूरी तय की है।
उन्होंने कहा, “हमारा राज्य अब विकास, संस्कृति और स्वाभिमान का पर्याय बन चुका है। यह उत्सव हमारी नई पीढ़ी को अपने इतिहास और संघर्षों से जोड़ने का जरिया है। बालोद ने हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है — चाहे शिक्षा हो, कृषि, पर्यावरण या जनभागीदारी।”

समारोह में लोक रंग और सम्मान की झलक:
समापन समारोह में मुण्डेरा डांस ग्रुप, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय कन्नेवाड़ा, एकलव्य आवासीय विद्यालय डौंडी और कन्या महाविद्यालय बालोद के विद्यार्थियों ने सुमधुर प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। बालिका सुआ नृत्य मुंडेरा की बालिकाओं का समूह नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर दिव्या मिश्रा और एसडीएम नूतन कंवर ने आयोजन की सफलता का श्रेय टीम भावना और नागरिक सहयोग को दिया।




















