मामला दल्लीराजहरा के वार्ड क्रमांक 24 निवासी संतराम साहू (70 वर्ष) का है। जानकारी के अनुसार, संतराम साहू ने अपने भाई और बहन पर धोखाधड़ी से उनकी जमीन और मकान बिकवा देने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत जनदर्शन, कलेक्टर, तहसीलदार और पुलिस थाने में कई बार की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्रशासनिक उपेक्षा से तंग आकर संतराम साहू शनिवार को बालोद पहुंचे और जयस्तंभ चौक पर “न्याय दो या मुर्दाबाद” लिखे बैनर के साथ धरना पर बैठ गए। इस बैनर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, गृहमंत्री विजय शर्मा, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक तक के नामों के साथ विरोध के नारे लिखे हुए थे।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और बुजुर्ग को समझाने की कोशिश की। लेकिन जब वह अपनी मांगों पर अड़े रहे, तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया और धरना स्थल से बैनर को जब्त कर लिया।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। यह घटना उन आम नागरिकों की बेबस हताशा का प्रतीक बनकर सामने आई है, जो वर्षों से न्याय की उम्मीद में प्रशासनिक गलियारों के चक्कर काट रहे हैं।




















