कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता और गौ माता के छायाचित्र पर पुष्पमाल्य अर्पित कर तथा दीप प्रज्वलन से किया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी ने अपने उद्बोधन में कहा —“आंवला नवमी हमें प्रकृति से जोड़ती है और गौ पूजन हमें आध्यात्म से जोड़ती है। हिंदू मान्यता के अनुसार गौ माता के शरीर में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास होता है। उनकी पूजा गोपाष्टमी के दिन करने से जीवन के सारे कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।”
कार्यक्रम में समिति की ओर से गौमाता व बछड़ों को स्नान कराकर वस्त्र और फूलमालाओं से सजाया गया। अतिथियों ने गौमाता को रोली, चंदन, गुलाल से तिलक कर पूजा-अर्चना की तथा खिचड़ी का भोग लगाकर आशीर्वाद प्राप्त किया।

गौसेवा समिति के अध्यक्ष योगेश्वर यादव एवं सदस्य पुरुषोत्तम सिंह राजपूत के विशेष प्रयासों से इस वर्ष का आयोजन और भी भव्य रूप में संपन्न हुआ। दोनों ने बताया कि “समाज में गौसेवा की भावना का प्रसार करना और युवाओं को गौसंरक्षण से जोड़ना हमारा प्रमुख उद्देश्य है।”
कार्यक्रम में सम्माननीय जनों में कमलेश सोनी (उपाध्यक्ष नगर पालिका परिषद बालोद), तोमन साहू (उपाध्यक्ष जिला पंचायत बालोद), पार्षद प्रीतम यादव, पार्षद गोकुल ठाकुर, अजय साहू, संजय शर्मा, योगेश्वर यादव, खुमान सिन्हा, विनोद कुमार साहू, गोविंद सिंह, पुरुषोत्तम सिंह राजपूत, रविंद्र विश्वकर्मा, छगन यादव, राजेंद्र खरे, पवन साहू, यादवेन्द्र वर्मा, मिथुन साहू, जितेंद्र साहू सहित छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग गोधाम समिति के सदस्यगण उपस्थित रहे।
गौमाता की आराधना और श्रद्धा से भरे इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त किया, बल्कि समाज में गौसंरक्षण के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश भी दिया।




















