खिलाड़ी लंबे समय से स्टेडियम में बेहतर सुविधाओं की मांग कर रहे हैं, जबकि शासन स्तर पर करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी मैदान खिलाड़ियों के अनुरूप विकसित नहीं हो सका। मैदान की देखरेख और संधारण का जिम्मा प्रशासन के पास है, लेकिन हर कुछ महीनों में किसी न किसी सरकारी कार्यक्रम के आयोजन के चलते मैदान की हालत फिर से बिगड़ जाती है।

हाल ही में जिला प्रशासन द्वारा 2 से 4 नवंबर तक छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर राज्योत्सव समारोह इसी स्टेडियम में आयोजित किए जाने की घोषणा की गई है। इसमें प्रदेश के स्कूली शिक्षा, विधि-विधायी एवं ग्रामोद्योग मंत्री गजेन्द्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
स्थानीय खिलाड़ियों का कहना है कि –“हर बार किसी न किसी सरकारी कार्यक्रम के कारण मैदान का स्वरूप बिगाड़ दिया जाता है। हम खुद पैसे लगाकर मैदान को समतल और खेलने योग्य बनाते हैं, लेकिन बाद में उसी पर बांस-बैरिकेड, मंच और वाहन खड़े कर सब कुछ खराब कर दिया जाता है।”
खिलाड़ियों ने प्रशासन के इस रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि अगर खेल के नाम पर बने मैदानों का उपयोग सरकारी कार्यक्रमों के लिए ही होता रहा, तो स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाएं आगे कैसे बढ़ेंगी?

जानकारी के अनुसार, कुछ वर्ष पहले वनरक्षक भर्ती के दौरान भी इसी मैदान में बैरिकेड्स और भारी उपकरणों के उपयोग से मैदान को नुकसान हुआ था, जिसकी शिकायत के बाद वन विभाग ने मरम्मत कराई थी। लेकिन अब फिर राज्योत्सव आयोजन की तैयारियों के बीच मैदान पर बड़ी बड़ी गाड़ियां चलने और मैदान पर मंच पंडाल निर्माण कार्य शुरू होने पर मैदान फिर से खराब हो जायेगा।
खिलाड़ियों ने कहा है कि वे जल्द ही प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करेंगे ताकि मैदान का मूल उद्देश्य — खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देना — फिर से जीवित हो सके।




















