विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य 4 नवंबर से, आज से शुरू हुई तैयारी
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने सभी राज्यों के अधिकारियों से ली समीक्षा बैठक
बालोद। भारत निर्वाचन आयोग ने देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया की तैयारी शुरू कर दी है। यह कार्य 4 नवंबर से शुरू होकर 7 फरवरी 2025 तक पूरा किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर दिशा-निर्देश दिए। बैठक में आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया, उद्देश्य और फील्ड लेवल पर किए जाने वाले कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।
बालोद में संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष से कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी दिव्या उमेश मिश्रा, उप जिला निर्वाचन अधिकारी चंद्रकांत कौशिक, अपर कलेक्टर नूतन कंवर सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारी एवं अन्य अधिकारी बैठक में शामिल हुए।
आयोग के अनुसार इस विशेष पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने, नए नाम जोड़ने, हटाने, सुधार और स्थानांतरण की प्रक्रिया की जाएगी। इसके लिए नियुक्त बीएलओ (ब्लॉक लेवल ऑफिसर) घर-घर जाकर मतदाताओं से सत्यापन करेंगे। इस दौरान मतदाता फॉर्म 6, 7 और 8 के माध्यम से नया नाम जोड़ने, नाम हटाने या सुधार के लिए आवेदन कर सकेंगे।
यदि किसी मतदाता का नाम सूची से हट गया है, तो वह ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद एक महीने के भीतर अपील कर सकता है। अपील निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी या राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष की जा सकती है।
मतदाता हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क कर या संबंधित बीएलओ और जिला निर्वाचन कार्यालय से जानकारी और सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में जुड़े कर्मचारियों का प्रशिक्षण 28 अक्टूबर से 3 नवंबर तक जारी रहेगा।
आयोग ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस अभियान को त्रुटिरहित और पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाए ताकि आगामी चुनावों में मतदाता सूची पूरी तरह अद्यतन और सही हो।




















