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गौधामों के पारदर्शी संचालन पर जोर, समिति की बैठक में तय हुए कई अहम निर्णय

 

29 अक्टूबर को नगरपालिका गौधाम बालोद में मनाया जाएगा गोपाष्टमी पर्व

बालोद। छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग एवं शासन द्वारा संचालित गौधाम संचालन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा प्राप्त आवेदनों की समीक्षा के लिए जिला स्तरीय गौधाम समिति की बैठक कलेक्टर सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला गौधाम समिति के अध्यक्ष योगेश्वर यादव ने की।

बैठक में डॉ. महेश मंडावी (उपसंचालक, पशुधन विभाग), डॉ. डी.के. सिहारे (अति. उपसंचालक), डॉ. अभिषेक मिश्रा, डॉ. सोमेश जोशी (वी.ए.एस. बालोद) सहित समिति सदस्य विनोद कुमार साहू, गोविंद सिंह साहू, पुरुषोत्तम सिंह राजपूत और रविंद्र विश्वकर्मा उपस्थित रहे।

उपसंचालक डॉ. महेश मंडावी ने कहा कि गौधाम संचालन का उद्देश्य केवल गौवंश की सुरक्षा नहीं है, बल्कि इससे ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना तथा जैविक कृषि को बढ़ावा देना भी है। उन्होंने कहा कि शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी गौधामों का संचालन पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से किया जाए।

गौधामों की व्यवस्था को लेकर लिए गए अहम निर्णय

बैठक में जिला गौधाम समिति ने विकासखंड स्तरीय समितियों के प्रतिवेदनों की समीक्षा कर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। समिति ने तय किया कि प्रत्येक गौधाम में गौवंश के लिए तात्कालिक पोषण आहार की उचित व्यवस्था की जाएगी। धान कटाई के बाद खेतों में पैरा जलाने की प्रथा को रोकते हुए उस पैरा को एकत्र कर गौधामों में चारे के रूप में उपयोग किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायतों को सूचना प्रेषित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।

गौपालकों की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु जनसहयोग आधारित सम्मेलन और गोष्ठियाँ आयोजित की जाएंगी। प्रत्येक गौधाम के आसपास के 10 गांवों से 10-10 गौपालकों या कृषकों की सूची तैयार की जाएगी, जिन्हें गोबर और गोमूत्र आधारित उत्पाद निर्माण के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही, संबंधित ग्राम पटेल को उस गौधाम का संरक्षक नियुक्त करने का भी निर्णय लिया गया।

गोपाष्टमी पर्व 29 अक्टूबर को

बैठक में यह भी तय किया गया कि 29 अक्टूबर 2025 को सुबह 11 बजे नगरपालिका गौधाम बालोद में गोपाष्टमी पर्व का आयोजन किया जाएगा। इसके सफल संचालन के लिए ग्राम पंचायतों, जनप्रतिनिधियों, किसानों और समाज के सभी वर्गों से सहयोग की अपील की गई है।

जिला प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गौधामों की नियमित निगरानी की जाए और आवश्यक सुधारात्मक कदम समय-समय पर सुनिश्चित किए जाएं।

 

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