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स्वास्थ्य विभाग में घूसखोरी का भंडाफोड़ — 30 हजार की रिश्वत लेते दो बाबू रंगे हाथों गिरफ्तार

बालोद। जिले के स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) रायपुर की टीम ने गुरुवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय के दो कर्मचारियों को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी एक वाहन चालक से सर्विस बुक सत्यापन और एरियर भुगतान के नाम पर रकम मांग रहे थे।

क्या है मामला?

स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ वाहन चालक मुकेश कुमार यादव ने एसीबी रायपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि विभाग के दो सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी — युगल किशोर साहू और सुरेंद्र कुमार सोनकर — उनसे 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं।

यादव ने बताया कि उनका डिमोशन कर उन्हें गुरुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चौकीदार पद पर भेज दिया गया था। इस आदेश को उन्होंने बिलासपुर उच्च न्यायालय में चुनौती दी, जहाँ से उन्हें स्टे ऑर्डर मिल गया और वे पुनः वाहन चालक के रूप में पदस्थ हो गए।

पदस्थापना के बाद जब उन्होंने अपने सर्विस बुक सत्यापन और एरियर भुगतान के लिए कार्यालय में संपर्क किया, तो दोनों बाबुओं ने 25-25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।

एसीबी ने रचा जाल

मुकेश यादव पहले ही 20 हजार रुपये दे चुके थे, लेकिन आगे रिश्वत न देने के इरादे से उन्होंने एसीबी को सूचना दी। शिकायत की पुष्टि के बाद 16 अक्टूबर 2025 को एसीबी टीम ने बालोद पहुंचकर जाल बिछाया। जैसे ही दोनों आरोपी कर्मचारियों ने 15-15 हजार रुपये (कुल 30 हजार रुपये) की दूसरी किस्त ली, टीम ने उन्हें मौके पर ही रंगे हाथों पकड़ लिया।

कानूनी कार्रवाई शुरू

एसीबी ने दोनों आरोपियों — युगल किशोर साहू और सुरेंद्र कुमार सोनकर — को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत कानूनी कार्रवाई जारी है।

स्वास्थ्य विभाग में हुई इस कार्रवाई के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। आम जनता और कर्मचारियों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि विभाग में वर्षों से चल रही रिश्वतखोरी के खिलाफ आखिरकार एसीबी ने बड़ी कार्यवाही की है।

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