इस कार्रवाई को डौंडीलोहारा थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया। पुलिस की टीम बीते कई दिनों से आरोपी की तलाश में झारखंड में कैंप कर रही थी।

क्या है मामला
बालोद जिले के एक रिटायर बीएसपी कर्मचारी ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके मोबाइल पर “PM KISAN APK फाइल” भेजी गई। जैसे ही उन्होंने फाइल खोली, उनका मोबाइल और व्हाट्सएप हैक हो गया। कुछ देर बाद उनके पंजाब नेशनल बैंक खाते से 12 लाख रुपए से ज्यादा की राशि अलग-अलग UPI ऐप्स के जरिए ट्रांसफर कर ली गई।
पुलिस ने शिकायत पर डौंडीलोहारा थाने में अपराध क्रमांक 101/25 धारा 317(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
इस तरह पहुंची पुलिस अपराधियों तक
साइबर सेल की टीम ने बैंक खाते, मोबाइल नंबर, ई-सिम, और UPI ट्रांजैक्शन की तकनीकी जांच की। जांच में पता चला कि आरोपियों ने पीड़ित का सिम क्लोन कर नया ई-सिम जनरेट किया था, जिससे OTP लेकर फंड ट्रांसफर किया गया।
तकनीकी विश्लेषण के बाद पुलिस टीम बिहार के जमुई जिले पहुंची, जहां पहले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, गिरोह का मुख्य सरगना विकास कुमार दास फरार था, जिसे अब झारखंड के मधुपुर (देवघर) से पकड़ा गया है।

गिरफ्तार आरोपी जिसमें नीतीश कुमार दास (22), निवासी ग्राम झुण्डों, थाना खैरा, जिला जमुई (बिहार), अरविंद कुमार दास (18), निवासी ग्राम बटपाल, थाना चकई, जिला जमुई (बिहार),राकेश कुमार दास (21), निवासी ग्राम झुण्डों, थाना खैरा, जिला जमुई (बिहार),मुख्य आरोपी: विकास कुमार दास (23), निवासी ग्राम केसरगढ़ा, थाना मधुपुर, जिला देवघर (झारखंड) है जिसमें मुख्य आरोपी विकास दास के खिलाफ देवघर साइबर थाना में पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं — जिनमें धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120B IPC व IT Act की धाराएँ शामिल हैं।

टीम को मिली सफलता
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी में डौंडीलोहारा थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश सिंह, साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक धरम भुआर्य, प्रधान आरक्षक अरविंद यादव, आरक्षक संदीप यादव, पुरण देवांगन, योगेश पटेल, गुलझारी साहू, धर्मेंद्र सेन और ओम प्रकाश का विशेष योगदान रहा।
आरोपी के कब्जे से डिजिटल पेमेंट कार्ड, पोस्ट बैंक का एटीएम कार्ड और एक मोबाइल बरामद किया गया है। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर बालोद लाकर न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।




















