कलेक्टर मिश्रा ने स्वयं समिति में बैठकर किसानों से सीधे बातचीत की और उनके पंजीयन का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि “धान खरीदी योजना का लाभ हर पात्र किसान तक पहुँचे, यह हमारी प्राथमिकता है। किसी का भी नाम छूटना नहीं चाहिए।”
उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि जिन किसानों का पंजीयन शेष है, उनके घर-घर जाकर जानकारी दें और पंजीयन कराएं। उन्होंने कोटवारों और पटवारियों को भी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए कहा ताकि कोई भी किसान योजना के लाभ से वंचित न रहे।

जिला प्रशासन ने 15 से 17 अक्टूबर तक सभी सहकारी समितियों में विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं। इन शिविरों में उन किसानों का पंजीयन किया जा रहा है जो एकीकृत किसान पोर्टल में तो दर्ज हैं, लेकिन एग्रीस्टैक में अभी शामिल नहीं हो पाए हैं। साथ ही, जिन किसानों की व्यक्तिगत जानकारी अधूरी है, उसे भी शिविरों में अपडेट किया जा रहा है।
कलेक्टर मिश्रा ने बताया कि किसान चाहें तो अपनी नजदीकी सहकारी समिति के अलावा ग्राहक सेवा केंद्रों में भी जाकर पंजीयन करा सकते हैं। इसके लिए उन्हें किसान किताब, आधार कार्ड और मोबाइल साथ रखना होगा।
उन्होंने अधिकारियों को समयसीमा में कार्य पूरा करने और एग्रीस्टैक पंजीयन अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने कहा कि “यह केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसानों की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा अभियान है।”
इस दौरान संयुक्त कलेक्टर मधु हर्ष, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएँ राजेंद्र राठिया, तहसीलदार आशुतोष शर्मा सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।




















