रायपुर।राज्य शासन की दो दिवसीय कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पूरे ऐक्शन मोड में नजर आए।
पहले दिन विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और धान खरीदी जैसी जनहित योजनाओं की गहन समीक्षा के बाद, दूसरे दिन मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली।

बैठक में गृह मंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह सहित सभी संभागीय आयुक्त, रेंज आईजी, कलेक्टर और एसपी मौजूद रहे।

पहला दिन — जनहित और प्रशासनिक अनुशासन पर मुख्यमंत्री की सख्ती
रविवार को मंत्रालय में हुई मैराथन बैठक करीब नौ घंटे चली, जिसमें मुख्यमंत्री ने जनहित योजनाओं के क्रियान्वयन पर सख्त रुख अपनाया।उन्होंने साफ कहा कि “जनता के कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
धान खरीदी की तैयारी, किसानों को मिलने वाले लाभ, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, शिक्षा में शून्य ड्रॉपआउट और योजनाओं की पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर जिलों की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब परिणाम सिर्फ रिपोर्टों में नहीं, बल्कि जमीन पर दिखने चाहिए।

दूसरा दिन — कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और साइबर सुरक्षा पर समीक्षा
सोमवार को सम्मेलन के दूसरे दिन मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था की स्थिति, अपराध नियंत्रण और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की। बैठक में नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि महिला और बालिका से जुड़े अपराधों के मामलों में पुलिस पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई करे। ऐसे मामलों के चालान निर्धारित समयसीमा में अदालत में प्रस्तुत किए जाएं।
साइबर अपराध पर मुख्यमंत्री की गहन समीक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि “साइबर अपराध रोज नए रूप ले रहे हैं, इसलिए पुलिस और जनता दोनों को जागरूक रहना जरूरी है।” उन्होंने विभागों के बीच समन्वय बढ़ाकर नियमित साइबर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में बताया गया कि फिलहाल रेंज स्तर पर 5 साइबर थाने संचालित हैं, जबकि 9 नए साइबर थाने जल्द शुरू किए जाएंगे।

जिलों की परफॉर्मेंस की व्यापक समीक्षा
मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों और एसपी की परफॉर्मेंस की व्यापक समीक्षा करते हुए कहा कि शासन की नीतियों का असर जनता तक सीधा दिखना चाहिए।उन्होंने स्पष्ट किया कि “परिणाम सिर्फ आंकड़ों में नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा और सुविधा में दिखने चाहिए।”
समन्वित शासन और जवाबदेही पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन और कानून व्यवस्था एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस विभाग को मिलकर काम करने, जमीनी स्तर पर समन्वय बढ़ाने और जनता के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने की सलाह दी।
बैठक के अंत में उन्होंने सभी अधिकारियों को चेताया कि लापरवाही या ढिलाई की कोई गुंजाइश नहीं होगी।




















