मिली जानकारी के अनुसार, 06 अक्टूबर 2025 को ग्राम रानीतराई के मकान से बदबू आने की सूचना पर पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। संदिग्ध स्थिति को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारी और साइबर सेल की टीम मौके पर पहुंची। एफएसएल और फिंगर प्रिंट टीम के सहयोग से घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया। प्रथम दृष्टया हत्या का मामला प्रतीत होने पर थाना देवरी में मर्ग 40/2025 और अपराध क्रमांक 151/2025 दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

पुलिस अधिक्षक और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में एसडीओपी बालोद के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने स्थानीय सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि देवबती महार घर में अकेली रहती थीं और 02 अक्टूबर से उनका कोई अता-पता नहीं था। पड़ोसियों ने घर जाकर देखा कि मुख्य दरवाजे पर ताला लगा था और अंदर से बदबू आ रही थी। घर के अंदर मृतिका की स्थिति गंभीर थी, शव चटाई से ढका हुआ पाया गया।
पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को चिन्हित किया—गोलू उर्फ महेन्द्र कुमार साहू और महेन्द्र कुमार साहू। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या और चोरी की वारदात को स्वीकार किया। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने 02 अक्टूबर को चोरी के इरादे से मृतिका के घर का दरवाजा खटखटाया। जब देवबती महार दरवाजा खोलने गईं, तो आरोपियों ने उन्हें कमरे में ले जाकर उनका मुंह और गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद घर में रखी नगदी राशि 24,000 रुपए और चांदी के जेवरात लूटे।
गिरफ्तार आरोपियों के अन्य आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आए हैं। गोलू उर्फ महेन्द्र कुमार साहू और महेन्द्र साहू दोनों आरोपियों ने ग्राम नाहन्दा में तीज पर्व मनाने गई बुजुर्ग महिला का घर सुनसान देख चोरी की घटना को अंजाम दिया था वही इसी आरोपी पर राजनांदगांव और बालोद में आबकारी एक्ट और अन्य मामलों में पहले से अपराध दर्ज हैं। महेन्द्र कुमार साहू पर भी बालोद और राजनांदगांव में कई चोरी और आपराधिक मामले दर्ज हैं।
आरोपियों के कब्जे से 8 चांदी के पट्टी, एक जोड़ी चांदी की ऐंठी, एक चांदी का करधन, एक अंगूठी, दो बाजारू चूड़ियां और एक मोटरसाइकिल जप्त किया गया हैइस मामले में एसडीओपी बालोद देवांश सिंह राठौर, थाना प्रभारी देवरी राकेश ठाकुर, साइबर सेल प्रभारी धरम भुआर्य एवं उनकी टीम, देवरी थाना स्टाफ सहित कई पुलिसकर्मियों की मेहनत और सतर्कता से यह वारदात सुलझाई गई।
बालोद पुलिस ने जनता से अपील की है कि ऐसे मामलों में किसी भी संदिग्ध सूचना पर तुरंत पुलिस को सूचित करें और सतर्क रहें।




















