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बालोद में प्रस्तावित रोवर-रेंजर जंबूरी का स्थल चयन — राज्य मुख्य आयुक्त का दौरा, राकेश यादव ने रखी स्काउट गाइड की भावनाएं

बालोद। आगामी राज्य स्तरीय रोवर-रेंजर जंबूरी के आयोजन हेतु स्थल चयन को लेकर बुधवार को राज्य स्काउट गाइड के प्रदेश मुख्य आयुक्त इंदरजीत सिंह खालसा बालोद पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर बालोद में जंबूरी आयोजन की संभावनाओं का जायज़ा लिया।

कार्यक्रम में राकेश यादव, पूर्व प्रदेश मंत्री (छत्तीसगढ़ राज्य स्काउट गाइड), ने स्काउट-गाइड संगठन की ओर से स्वागत करते हुए जंबूरी के आयोजन के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि —“बालोद की प्राकृतिक सुंदरता, बेहतर शिक्षा व्यवस्था और युवाओं में अनुशासन की भावना इसे जंबूरी के लिए उपयुक्त बनाती है। यदि यह आयोजन यहां होता है, तो यह पूरे जिले के लिए गौरव का विषय होगा।”

राकेश यादव ने इस अवसर पर राज्य मुख्य आयुक्त को जिले में चल रही स्काउट-गाइड गतिविधियों की जानकारी दी और बताया कि जिले के विद्यालयों में सैकड़ों रोवर और रेंजर सक्रिय रूप से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने जंबूरी जैसे राज्यस्तरीय आयोजन के लिए स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से भी सहयोग का आह्वान किया।

कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, जिलाध्यक्ष चेमन देशमुख, राज्य सचिव जितेन्द्र साहू, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के महामंत्री शाहिद खान, जिला शिक्षा अधिकारी मधुलिका तिवारी, जिला संयोजक प्रेमलता चंद्राकर, कार्यालय मंत्री विनोद जैन, रवि पांडे,जनपद सदस्य संध्या साहू, पार्षद सुनीता मनहर, आशा पटेल, अजेन्द्र साहू, दुष्यंत मनहर, देवेन्द्र पटेल, रजत जैन, अभिन्न यादव सहित स्काउट-गाइड के अनेक पदाधिकारी और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

प्रदेश मुख्य आयुक्त ने बालोद के चयन को लेकर सकारात्मक रुख जताते हुए कहा कि जिले के युवाओं में अनुशासन और सेवा की भावना देखने योग्य है। उन्होंने जंबूरी के आयोजन स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक सुझाव भी दिए।

क्या है रोवर-रेंजर जंबूरी?
जंबूरी स्काउट-गाइड संगठन का सबसे बड़ा शिविर होता है, जिसमें राज्यभर से हजारों रोवर (युवा स्काउट) और रेंजर (युवा गाइड) शामिल होते हैं। इसमें अनुशासन, नेतृत्व, सामाजिक सेवा और टीम भावना से जुड़े विशेष प्रशिक्षण दिए जाते हैं।

कार्यक्रम के अंत में राकेश यादव ने सभी आगंतुकों का आभार जताते हुए कहा कि  “बालोद की धरती सेवा, अनुशासन और सौहार्द की मिसाल है। हमें विश्वास है कि आने वाला जंबूरी बालोद को नई पहचान दिलाएगा।

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