कार्यक्रम में संस्था के प्राचार्य एस.डी. खिलारी, पूर्व प्राचार्य बी.के. साहू, सेवानिवृत्त प्रशिक्षण अधीक्षक वी.एल. ठाकुर, प्रशिक्षण अधीक्षक मोहित साहू, प्रशिक्षण अधिकारी जीतेन्द्र कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं प्रशिक्षार्थी उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि तारणी चंद्राकर ने अपने संबोधन में कहा कि आईटीआई तकनीकी शिक्षा की वास्तविक आधारशिला है। किसी भी औद्योगिक प्रतिष्ठान का संचालन कुशल तकनीशियनों के बिना संभव नहीं। उन्होंने कहा, “आज का दौर टेक्नोलॉजी का है। ऐसे समय में आईआईटी से ज्यादा आईटीआई का महत्व बढ़ गया है, क्योंकि आईटीआई जैसे संस्थान युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा देकर आत्मनिर्भर बना रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में देश तेजी से तकनीकी प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रहा है, और इसमें आईटीआई से प्रशिक्षित युवाओं की भूमिका अहम है। तारणी चंद्राकर ने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि वे अपने कौशल और प्रतिभा का उपयोग समाज और देश के विकास में करें।
समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षार्थियों को सम्मानित किया गया। प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को पदक और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। सम्मान पाकर छात्रों के चेहरे पर गर्व और उत्साह की झलक साफ दिखाई दी।
कार्यक्रम का संचालन संयोजित और गरिमामय माहौल में किया गया, जिसमें विद्यार्थियों और अतिथियों की सक्रिय सहभागिता रही। दीक्षांत समारोह ने न केवल आईटीआई गुंडरदेही के गौरव को बढ़ाया, बल्कि तकनीकी शिक्षा के महत्व को भी रेखांकित किया।




















